भारत सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में आम नागरिकों को प्रशिक्षित करने की एक महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) नेटवर्क के माध्यम से कम से कम 10 लाख नागरिकों को एआई में मुफ्त प्रशिक्षण दिया जाएगा।
🔷 गांव-गांव तक पहुंचेगी एआई शिक्षा
आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि CSC नेटवर्क देश के 90% गांवों तक पहुंच चुका है और यह प्रशिक्षण ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक बड़ा अवसर होगा।
“अगर हर गांव तक पहुंचने में सक्षम कोई माध्यम है, तो वह CSC है,” – अश्विनी वैष्णव
उन्होंने कहा कि वीएलई (Village Level Entrepreneurs) ने देश में डिजिटल सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में बड़ा योगदान दिया है।
🔷 महिला वीएलई की प्रेरक कहानियां
मंत्री ने दो महिला वीएलई की कहानियों को उदाहरण के रूप में साझा किया:
-
मंजुलता (मयूरभंज, ओडिशा)
-
रोज एंजेलिना (मेघालय)
रोज एंजेलिना ने मेघालय के मायरंग क्षेत्र में डिजिटल केंद्र के माध्यम से स्थानीय समुदाय में एक डिजिटल क्रांति की नींव रखी है।
🔷 मंत्री ने वीएलई से क्या आग्रह किया?
-
आईआरसीटीसी सेवाएं शुरू करने का आग्रह
-
ग्रामीणों को डिजिटल ट्रेनिंग और सर्विस डिलीवरी में और ज्यादा सक्रिय होने की अपील
🔷 जितिन प्रसाद ने बताई CSC की ताकत
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि 2014 में जहां केवल 83,000 CSC केंद्र थे, वहीं आज इनकी संख्या 5.5 लाख से अधिक है।
“डिजिटल इंडिया का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाना CSC और वीएलई भाइयों-बहनों की वजह से संभव हुआ है।”
उन्होंने बताया कि 74,000 से अधिक महिला वीएलई देशभर में डिजिटल सशक्तिकरण की मिसाल बन रही हैं।
🔷 क्या मिलेगा इस ट्रेनिंग में?
-
बेसिक से एडवांस लेवल एआई ट्रेनिंग
-
ग्रामीण युवाओं को तकनीकी नौकरियों और उद्यमिता में मदद
-
डिजिटल खाई को पाटने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
सरकार की यह पहल न केवल डिजिटल इंडिया के मिशन को और मजबूत करेगी, बल्कि ग्रामीण भारत को नई तकनीकों के साथ जोड़कर उन्हें सशक्त, प्रशिक्षित और आत्मनिर्भर भी बनाएगी।
Discover more from
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
