श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि इस बार रविवार को पड़ रही है। इस दिन कृतिका नक्षत्र के साथ-साथ गण्ड योग का निर्माण हो रहा है, जिसे ज्योतिष में एक अशुभ योग माना गया है।
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क्या है गण्ड योग?
‘गण्ड’ शब्द का अर्थ होता है – कठिनाई या बाधा। जब कुंडली में ग्रह विशेष स्थिति में होते हैं, तब यह योग बनता है जो जीवन में मानसिक, आर्थिक और पारिवारिक परेशानियां ला सकता है।
गण्ड योग शांत करने के उपाय
यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में गण्ड योग है, तो उसे इन उपायों को करने से लाभ मिल सकता है:
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भगवान शिव की आराधना करें और ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करें
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चंद्रमा को शांत करने के लिए ‘ॐ चंद्राय नमः’ मंत्र का जाप करें
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हनुमान जी को सिंदूर व चमेली का तेल चढ़ाकर हनुमान चालीसा पढ़ें
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रविवार के दिन सूर्य देव को अर्घ्य दें और व्रत रखें
☀️ सूर्य पूजा का महत्त्व (रविवार व्रत विधि)
सूर्य ग्रह कमजोर हो तो रविवार को व्रत रखकर सूर्य देव की पूजा करनी चाहिए। इससे आरोग्य, समृद्धि और आत्मबल बढ़ता है।
व्रत विधि:
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ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें
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पूजा स्थल को शुद्ध करके एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं
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सूर्य देव का चित्र/प्रतिमा स्थापित करें
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आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें
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‘ॐ सूर्याय नमः’ या ‘ॐ घृणि सूर्याय नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें
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तांबे के लोटे में जल, फूल, अक्षत और रोली डालकर सूर्य को अर्घ्य दें
दशमी व्रत में इन बातों का रखें ध्यान:
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बिना नमक का भोजन करें
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काले या नीले कपड़े पहनने से बचें
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बाल कटवाना, दाढ़ी बनवाना, तेल मालिश करना वर्जित है
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मांस-मदिरा का सेवन न करें
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तांबे के बर्तन बेचना निषेध है
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झूठ बोलना और किसी का अपमान करना भी निषेध है
👉 व्रत का उद्यापन 12 रविवार के बाद किया जाता है।
समापन विचार:
श्रावण मास की दशमी तिथि और गण्ड योग के संयोग में यदि श्रद्धा और विधिपूर्वक व्रत-पूजन किया जाए, तो जीवन में आने वाली कई बाधाएं दूर हो सकती हैं। शिव उपासना, सूर्य अर्घ्य, और धार्मिक अनुशासन के पालन से जीवन में शांति और समृद्धि का वास होता है।
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