कर्नाटक के रायचूर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी पर हत्या की कोशिश का आरोप लगाया, लेकिन जांच के बाद अब स्वयं पति पर बाल विवाह अधिनियम के तहत केस दर्ज हो गया है।
वायरल वीडियो से खुला मामला
तातैया नामक व्यक्ति ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी ने उसे कृष्णा नदी में धक्का देकर मारने की कोशिश की। यह घटना गुर्जापुरा बैराज के पास की है। तातैया के मुताबिक, पत्नी ने उसे “फोटो खिंचवाने के बहाने” नदी के किनारे ले जाकर धक्का दे दिया।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे पुलिस की नजर इस पर गई।
बाल विवाह का खुलासा
पुलिस जांच के दौरान जब दस्तावेजों की जांच हुई, तो पता चला कि पत्नी की उम्र महज 15 साल 8 महीने है। इस आधार पर रायचूर महिला पुलिस ने पति तातैया, उसकी मां और सास पर बाल विवाह निषेध अधिनियम (Prohibition of Child Marriage Act) के तहत केस दर्ज कर लिया।
तलाक की प्रक्रिया और रिश्ते में तनाव
तातैया के परिवार ने बताया कि शादी के बाद से ही पति-पत्नी के बीच रिश्तों में तनाव था। उन्होंने पत्नी पर अशोभनीय व्यवहार और जूते दिखाकर अपमानित करने का आरोप लगाया। मामला बढ़ने पर दोनों ने आपसी सहमति से तलाक के लिए दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए।
राज्य बाल अधिकार आयोग और सरकारी कार्रवाई
राज्य बाल अधिकार आयोग के हस्तक्षेप के बाद महिला एवं बाल कल्याण विभाग ने केस को गंभीरता से लिया।
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पंचायत विकास अधिकारी रविकुमार ने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज करवाई।
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बाल संरक्षण इकाई ने नाबालिग लड़की को ऑब्जर्वेशन होम में शिफ्ट किया।
पुलिस जांच जारी
रायचूर महिला पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार, पीड़ित लड़की तातैया की दूर की रिश्तेदार थी। यह घटना रायचूर में स्थानीय समुदाय के बीच हलचल का विषय बन गई है।
क्या है बाल विवाह निषेध अधिनियम?
भारत में बाल विवाह कानून के अनुसार:
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लड़कियों के लिए विवाह की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष है।
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नाबालिग से विवाह गैरकानूनी और दंडनीय अपराध है।
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इसमें शामिल माता-पिता, रिश्तेदार या मध्यस्थ भी आरोपी बनाए जा सकते हैं।
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