क्या है मामला?
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के हालिया इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया पर यह दावा वायरल हो गया कि उनका आधिकारिक कार्यालय सील कर दिया गया और उन्हें आवास तुरंत खाली करने के निर्देश दिए गए हैं।
इन खबरों से सियासी गलियारों में हलचल बढ़ गई, लेकिन सच्चाई कुछ और ही निकली।
✅ PIB फैक्ट चेक ने बताया फर्जी
प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक विंग ने इस दावे को पूरी तरह फर्जी और भ्रामक बताया है। PIB ने ट्वीट कर स्पष्ट किया:
“यह दावा कि उपराष्ट्रपति का कार्यालय सील कर दिया गया और आवास तुरंत खाली करने को कहा गया—फर्जी है। कृपया भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें।”
PIB का सुझाव
-
किसी भी संवेदनशील या वायरल होती खबर को शेयर करने से पहले आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि करें।
-
फेक न्यूज पर लगाम लगाने के लिए PIB फैक्ट चेक ट्विटर हैंडल @PIBFactCheck को फॉलो करें।
-
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही खबरों को बिना जांचे-परखे शेयर न करें।
जगदीप धनखड़ का इस्तीफा: क्या है आधिकारिक जानकारी?
भारत के 14वें उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र भेजकर तत्काल प्रभाव से पद छोड़ने की बात कही थी।
राष्ट्रपति ने मंगलवार को इस्तीफा स्वीकार कर लिया।
प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर लिखा:
“श्री धनखड़ को भारत के उपराष्ट्रपति सहित विभिन्न भूमिकाओं में देश की सेवा करने का अवसर मिला है। मैं उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं।”
सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं तेजी से फैलती हैं। जगदीप धनखड़ के ऑफिस सील करने और घर खाली कराने जैसे दावे पूरी तरह फर्जी हैं।
PIB द्वारा जारी फैक्ट चेक से यह साफ हो गया है कि इस तरह की अफवाहें केवल गुमराह करने के लिए फैलाई जाती हैं।
Discover more from
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
