मणिपुर में संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में शांति बहाली और कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए सुरक्षा बलों ने आतंकवाद विरोधी अभियान तेज कर दिया है। पिछले 24 घंटों में राज्य के छह ज़िलों से 10 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तारी किन जिलों से हुई?
संयुक्त बलों ने जिन 6 जिलों में अभियान चलाया, वे हैं:
इंफाल पश्चिम
इंफाल पूर्व
बिष्णुपुर
काकचिंग
तेंगनौपाल
तामेंगलोंग
इन सभी जिलों से विभिन्न प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों के सदस्य पकड़े गए हैं।
किन संगठनों से जुड़े थे गिरफ्तार उग्रवादी?
पुलिस के अनुसार, ये उग्रवादी निम्नलिखित संगठनों से जुड़े थे:
कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी (KCP)
पीपुल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलीपाक (PREPAK)
पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA)
तेंगनौपाल जिले से पीआरईपीएके और पीएलए के एक-एक सक्रिय सदस्य को भी गिरफ्तार किया गया है।
क्या-क्या बरामद किया गया?
गिरफ्तारी के दौरान सुरक्षा बलों ने:
मोबाइल फोन
दस्तावेज
कुछ हथियार और गोला-बारूद
बड़ी मात्रा में नकदी
बरामद की है। यह बरामदगी मणिपुर में सुरक्षा बलों की सक्रियता और इंटेलिजेंस की सफलता को दर्शाती है।
कौन-कौन से बल शामिल हैं इस अभियान में?
मणिपुर में जारी अभियान में केंद्र और राज्य के विभिन्न सुरक्षा बलों की टीमें शामिल हैं:
मणिपुर पुलिस
भारतीय सेना
असम राइफल्स
सीमा सुरक्षा बल (BSF)
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF)
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP)
इन बलों की संयुक्त टीमें घाटी और पहाड़ी इलाकों में लगातार तलाशी और ऑपरेशन चला रही हैं।
नोनी जिले में आपसी गोलीबारी में 5 उग्रवादियों की मौत
22 जुलाई को मणिपुर के नोनी जिले में एक उग्रवादी संगठन की आपसी गोलीबारी में कम से कम 5 उग्रवादी मारे गए थे। यह झड़प लोंगपी गांव के पास दवीजांग जंगल क्षेत्र में हुई थी।
गोलीबारी चिन कुकी मिजो आर्मी (CKMA) के गुटों के बीच हुई, जो कि सरकार के साथ किसी सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन (SoO) समझौते का हिस्सा नहीं है।
फर्जी खबरों और अफवाहों पर पुलिस की चेतावनी
मणिपुर पुलिस ने लोगों को फर्जी वीडियो, ऑडियो क्लिप और अफवाहों के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा:
“किसी भी कंटेंट की सत्यता के लिए केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से पुष्टि करें।”
पुलिस ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर झूठी पोस्ट या वीडियो अपलोड करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जनता से अपील: लूटे गए हथियार वापस करें
पुलिस ने लोगों से आग्रह किया है कि अगर किसी के पास लूटे गए हथियार, गोला-बारूद या विस्फोटक हैं तो उन्हें तुरंत पुलिस या निकटतम सुरक्षा बल को सौंप दें। इससे क्षेत्र में शांति कायम रखने में मदद मिलेगी।
मणिपुर में सक्रियता बढ़ी, कानून व्यवस्था बहाल करने की कोशिश
राज्य में जारी अस्थिरता के बीच संयुक्त बलों द्वारा चलाया जा रहा यह ऑपरेशन शांति और सुरक्षा की दिशा में अहम कदम है। मणिपुर सरकार और केंद्र दोनों ही राज्य में स्थायित्व और आतंकवाद मुक्त माहौल तैयार करने की दिशा में सक्रिय हैं।
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