इस टैक्स सीजन में सरकार ने डिजिटल युग के नायक – कंटेंट क्रिएटर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स – के लिए एक बड़ी राहत दी है। अब उन्हें आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने में पहले से कहीं ज्यादा सहूलियत मिलेगी, क्योंकि आयकर विभाग ने उनके लिए एक स्पेशल कैटेगरी कोड ‘16021’ पेश किया है।
👉 क्या है नया बदलाव?
वित्त वर्ष 2024-25 (असेसमेंट ईयर 2025-26) से कंटेंट क्रिएटर्स और इन्फ्लुएंसर्स की आय को एक अलग कोड के तहत वर्गीकृत किया गया है। यह कोड उन पेशेवरों के लिए है जो प्रमोशन, डिजिटल कंटेंट, ब्रांड एंडोर्समेंट और सोशल मीडिया गतिविधियों से आय अर्जित करते हैं।
यह कोड दो फॉर्म्स में उपलब्ध है:
ITR-3: बिजनेस या प्रोफेशनल इनकम के लिए
ITR-4 (सुगम): अनुमानित कराधान योजना के लिए
कौन सा ITR चुनें?
🔹 अगर आप प्रोफेशनल इनकम (जैसे यूट्यूबर, इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर, ब्लॉगर) पर अनुमानित टैक्स देना चाहते हैं, तो ITR-4 आपके लिए सबसे आसान है।
🔹 अगर आपकी आय ₹50 लाख (प्रोफेशनल) या ₹75 लाख (बिजनेस) तक है और आपकी कैश इनकम कुल आय का 5% से कम है, तो आप सेक्शन 44ADA या 44AD के तहत ITR-4 में फाइल कर सकते हैं।
🔹 ITR-3 उन क्रिएटर्स के लिए है, जिनकी इनकम जटिल है, जिसमें वेतन, प्रॉपर्टी, कैपिटल गेन या अन्य स्रोतों से आय शामिल हो।
अनुमानित कराधान योजना क्या है?
यह योजना उन पेशेवरों के लिए है जो अपनी इनकम का एक तय प्रतिशत टैक्सेबल इनकम मानते हैं। इससे आपको डिटेल बुक कीपिंग, अकाउंट ऑडिट जैसे झंझटों से छुटकारा मिलता है।
उदाहरण:
आय का प्रकार अनुमानित टैक्स दर
प्रोफेशनल (44ADA) 50% तक की इनकम टैक्सेबल
बिजनेस (44AD) डिजिटल पेमेंट – 6%, कैश पेमेंट – 8%
अगर आप भी एक कंटेंट क्रिएटर हैं, तो यह बदलाव आपके लिए टैक्स फाइलिंग को न सिर्फ सरल बनाएगा, बल्कि पारदर्शिता और समय की भी बचत करेगा। सही ITR फॉर्म चुनकर समय पर फाइल करें और जुर्माने से बचें।
- क्या आप एक डिजिटल क्रिएटर हैं? नीचे कमेंट करें और बताएं कि आपने कौन सा ITR फॉर्म चुना!
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