- न्यूज मंत्रा एस्ट्रो डेस्क
6 अगस्त 2025, गुरुवार को सावन मास की चतुर्दशी तिथि पर आयुष्मान योग और प्रीति योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। इस दिन शिव और विष्णु दोनों की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन की गई पूजा से दीर्घायु, स्वास्थ्य और आर्थिक समृद्धि प्राप्त होती है।
📅 6 अगस्त 2025 – पंचांग विवरण
| घटक | विवरण |
|---|---|
| तिथि | चतुर्दशी – श्रावण मास, कृष्ण पक्ष |
| दिन | गुरुवार |
| सूर्योदय | सुबह 5:46 बजे |
| सूर्यास्त | शाम 5:46 बजे |
| चंद्रमा | धनु राशि में |
| नक्षत्र | पूर्वाषाढ़ा (दोपहर 2:01 तक), फिर उत्तराषाढ़ा |
| योग | आयुष्मान, प्रीति और विष्कम्भ योग |
| राहुकाल | दोपहर 2:07 से 3:47 तक |
👉 टिप: राहुकाल में पूजा करने से बचें।
पूजा का महत्व और लाभ
इस दिन भगवान शिव और श्री हरि विष्णु की पूजा करने से:
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पारिवारिक सुख और शांति मिलती है
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जीवन में समृद्धि और धन की प्राप्ति होती है
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रोगों से मुक्ति और दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है
विशेष: आयुष्मान योग जीवन शक्ति और स्वास्थ्य बढ़ाने वाला माना जाता है।
🕉 शिव पूजा विधि (Sawan Shiv Puja Vidhi)
पूजन पूर्व तैयारी:
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ब्रह्म मुहूर्त में उठें और स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें
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पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें
पूजन सामग्री:
गंगाजल, दूध, दही, शहद, घी, बेलपत्र, मदार फूल, दूब, भस्म, गुड़, काला तिल, अक्षत, दीप, धूप
पूजा विधि:
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शिवलिंग पर पंचामृत से अभिषेक करें
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बेलपत्र, भस्म, और फूल अर्पित करें
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“ॐ नमः शिवाय” और महामृत्युंजय मंत्र का जप करें (108 बार)
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शिव चालीसा का पाठ करें और आरती करें
विष्णु-लक्ष्मी पूजा विधि
पूजन सामग्री:
रोली, चंदन, हल्दी, तुलसी पत्र, फूल, दीपक, धूप
पूजा विधि:
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भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी को स्नान कराएं
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चंदन, रोली, तुलसी पत्र अर्पित करें
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“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जप करें
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विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें
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दीप जलाकर आरती करें
दान-पुण्य और फलाहार
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पूजा के बाद ज़रूरतमंदों को अनाज, वस्त्र या दक्षिणा दान करें
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दिनभर फलाहार या सात्विक भोजन करें
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बुरे विचारों और वाणी से बचें, संयम और सेवा भावना रखें
सावन की चतुर्दशी और आयुष्मान योग का यह पावन संयोग आपके जीवन में नई ऊर्जा, स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि का आगमन कर सकता है। विधिवत पूजा कर आप अपने घर-परिवार के लिए शुभ फल प्राप्त कर सकते हैं।
📌 क्या आप इस दिन व्रत या पूजन कर रहे हैं?
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