- न्यूज मंत्रा लाइव ब्यूरो
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के अखल देवसर वन क्षेत्र में चल रहे आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान सेना के दो जवान शहीद हो गए और दो अन्य घायल हो गए। यह अभियान शनिवार को अपने 9वें दिन में प्रवेश कर गया, जो घाटी में पिछले दो दशकों का सबसे लंबा ऑपरेशन बन गया है।
मुठभेड़ में दो जवानों का सर्वोच्च बलिदान
सेना के प्रवक्ता के मुताबिक, शुक्रवार देर रात आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच भीषण गोलीबारी हुई, जिसमें 19 राष्ट्रीय राइफल्स के सिपाही हरमिंदर सिंह और लांस नायक प्रीतपाल सिंह शहीद हो गए। दोनों जवानों के साहस और बलिदान को चिनार कोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर श्रद्धांजलि दी।
लंबा और चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन
अखल वन क्षेत्र का विशाल और घना जंगल ऑपरेशन को लंबा और कठिन बना रहा है। सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकियों के भागने के सभी रास्तों को बंद करने के लिए रुद्रा हेलीकॉप्टर, ड्रोन और पैरा कमांडो की तैनाती की है।
डीजीपी नलिन प्रभात की निगरानी में अभियान
जम्मू-कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात इस ऑपरेशन की लगातार निगरानी कर रहे हैं और पांचवीं बार घटनास्थल का दौरा कर चुके हैं। ऑपरेशन का उद्देश्य सिर्फ आतंकियों का सफाया करना नहीं, बल्कि घाटी में आतंकवाद के पूरे नेटवर्क को खत्म करना है।
पृष्ठभूमि: पहलगाम हमले के बाद सख्त कार्रवाई
22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले के बाद से सुरक्षा बल आतंकियों, उनके मददगारों, ड्रग तस्करों और हवाला नेटवर्क के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई कर रहे हैं। इन गतिविधियों से मिलने वाले धन का इस्तेमाल आतंकवाद को बढ़ावा देने में किया जाता है।
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