- न्यूज मंत्रा लाइव एस्ट्रो डेस्क
भारत की संस्कृति में त्योहारों का विशेष महत्व है। इन्हीं पर्वों में एक है हरतालिका तीज, जिसे विशेष रूप से महिलाओं का त्योहार माना जाता है। सुहागिन महिलाएं इस व्रत को अपने पति की लंबी उम्र और सुखी दांपत्य जीवन की कामना के लिए करती हैं, जबकि अविवाहित लड़कियां योग्य वर की प्राप्ति हेतु यह व्रत रखती हैं।
तिथि और शुभ समय
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भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि:
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आरंभ – 25 अगस्त 2025, सुबह 11:39 बजे
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समाप्त – 26 अगस्त 2025, दोपहर 12:39 बजे
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व्रत की तिथि: 26 अगस्त 2025 (मंगलवार)
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उपवास समाप्ति: 27 अगस्त 2025, चतुर्थी तिथि में सूर्योदय के बाद
इस बार बन रहे चार शुभ योग
ज्योतिषीय दृष्टि से इस साल की हरतालिका तीज बेहद खास है क्योंकि इस दिन चार शुभ और दुर्लभ योग बन रहे हैं।
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सर्वार्थ सिद्धि योग – हर कार्य को सफल बनाने वाला और बाधाओं को दूर करने वाला योग।
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शोभन योग – विवाह, पूजा, गृह प्रवेश और धार्मिक कार्यों के लिए उत्तम।
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गजकेसरी योग – चंद्रमा और गुरु की युति से बनने वाला योग, जो बुद्धि, प्रतिष्ठा और सौभाग्य बढ़ाता है।
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पंचमहापुरुष योग – साधक को उच्च स्थान, दीर्घायु और विशेष फल प्रदान करने वाला अद्भुत योग।
पूजा विधि
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प्रातःकाल स्नान कर व्रत का संकल्प लें।
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घर के पवित्र स्थान पर शिव-पार्वती की प्रतिमा स्थापित करें।
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भगवान गणेश के साथ षोडशोपचार पूजा करें।
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बेलपत्र, धूप, दीप, फूल, मिष्ठान्न और फल अर्पित करें।
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हरतालिका व्रत कथा का श्रवण करें।
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इस दिन चंद्र दर्शन वर्जित है। यदि गलती से दर्शन हो जाए तो स्वमंतक मणि कथा का पाठ आवश्यक है।
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महिलाएं रात भर जागरण और भजन-कीर्तन करती हैं।
हरतालिका तीज का महत्व
यह पर्व केवल धार्मिक आस्था ही नहीं बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से भी फलदायी माना गया है। माना जाता है कि जब व्रत ऐसे शुभ योगों में किया जाए तो इसका पुण्य और प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।
👉 क्या आप इस साल हरतालिका तीज का व्रत रखेंगी? हमें कमेंट में बताएं।
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