- न्यूज मंत्रा लाइव एस्ट्रो डेस्क
21 सितंबर 2025, रविवार की रात 10:59 बजे से शुरू होकर यह सूर्य ग्रहण अगले दिन 3:32 बजे तक चलेगा। हालांकि यह भारत में दिखाई नहीं देगा, बल्कि ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अंटार्कटिका और प्रशांत महासागर के दक्षिणी हिस्सों में नजर आएगा।
🔹 ज्योतिषीय स्थिति
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यह ग्रहण कन्या राशि और उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा।
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सूर्य, चंद्र और बुध एक ही राशि में होंगे।
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इसे ज्योतिष में बुधादित्य योग कहा जाता है।
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यह साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण होगा, जो पितृपक्ष के समापन के साथ घटित होगा।
🔹 सूतक काल
भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए सूतक काल मान्य नहीं होगा।
लेकिन धार्मिक दृष्टि से सावधानी और उपाय करना शुभ माना गया है।
🔹 सूर्य ग्रहण में क्या करें और क्या न करें?
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ग्रहण के दौरान भोजन न करें।
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पानी में तुलसी पत्ते डालकर ग्रहण से पहले सुरक्षित रखें।
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गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
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ग्रहण के बाद स्नान करें और घर में गंगाजल छिड़कें।
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गरीबों को दान करना और पवित्र नदियों में स्नान करना लाभकारी होता है।
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ग्रहण के दौरान सोने से बचें, मन को शांत रखने के लिए मंत्र जाप करें।
🔹 राशियों पर असर
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मेष → लंबी यात्रा टालें, मानसिक तनाव बढ़ सकता है।
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वृषभ → छोटे काम शुभ, बड़े सौदे या निवेश टालें।
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मिथुन → यात्रा में बाधा, खर्च बढ़ेगा।
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कर्क → विदेश यात्रा में देरी संभव।
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सिंह → मानसिक बेचैनी, वाहन सावधानी से चलाएं।
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कन्या → नई यात्रा या नए काम टालें (ग्रहण आपकी राशि में है)।
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तुला → सामान्य यात्रा शुभ, निवेश कार्य स्थगित करें।
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वृश्चिक → परिवार संग यात्रा संभव, स्वास्थ्य पर ध्यान दें।
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धनु → धार्मिक यात्रा लाभकारी, व्यवसायिक यात्रा टालें।
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मकर → दूरस्थ यात्रा में थकान और खर्च।
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कुंभ → अचानक योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं।
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मीन → समुद्री या जलमार्ग यात्रा टालें।
👉 2025 के इस अंतिम सूर्य ग्रहण की जानकारी अपने मित्रों और परिवार के साथ साझा करें और सही उपायों को अपनाकर सुरक्षित रहें।
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