- न्यूज मंत्रा लाइव नेशनल डेस्क
6G India : भारत अब 6G तकनीक की दिशा में कदम बढ़ा चुका है। इस पहल के तहत भारत ने ब्रिटेन के साथ मिलकर एक नया कनेक्टिविटी और इनोवेशन सेंटर स्थापित करने का ऐलान किया है।
यह घोषणा इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2025 के दौरान की गई और इसे भारत के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन मिशन में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
भारत-यूके की नई साझेदारी
ब्रिटिश मिशन यूके इन इंडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया —
“यूके और भारत ने 6G के भविष्य के निर्माण के लिए नया कनेक्टिविटी और इनोवेशन सेंटर शुरू करने के लिए हाथ मिलाया है।”
इस पहल में 24 मिलियन पाउंड (करीब ₹255 करोड़) का संयुक्त निवेश किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य तेज़, स्मार्ट और सुरक्षित नेटवर्क बनाना है।
यह पूरा प्रोजेक्ट यूके-भारत टेक्नोलॉजी सिक्योरिटी इनिशिएटिव और विजन 2035 के तहत कार्यान्वित होगा।
क्या करेगा यह 6G इनोवेशन सेंटर?
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एआई (Artificial Intelligence) की मदद से नेटवर्क को अधिक स्मार्ट और सुरक्षित बनाया जाएगा।
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दोनों देशों के शीर्ष विशेषज्ञ डिजिटल एक्सेस को समावेशी और विश्वसनीय बनाने के लिए एक साथ काम करेंगे।
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यह केंद्र भविष्य की वायरलेस तकनीकों पर रिसर्च, टेस्टिंग और स्टार्टअप सहयोग को भी प्रोत्साहित करेगा।
तकनीकी सहयोग के प्रमुख क्षेत्र:
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AI आधारित नेटवर्क सुरक्षा और ऑटोमेशन
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भविष्य के स्मार्ट कनेक्टिविटी मॉडल (Smart 6G Systems)
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क्लाइमेट-फ्रेंडली टेक्नोलॉजी और ग्रीन नेटवर्किंग
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टेक्नोलॉजी इनोवेशन के लिए स्टार्टअप और रिसर्च फंडिंग
भारत-यूके मीटिंग में हुए अन्य समझौते:
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर हाल ही में भारत दौरे पर आए थे, जहां 125 लोगों के डेलीगेशन के साथ उन्होंने कई रणनीतिक समझौते किए।
इस दौरान टेक्नोलॉजी, शिक्षा और व्यापार के क्षेत्र में कई अहम MoU साइन हुए:
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भारत-यूके कनेक्टिविटी और इनोवेशन सेंटर की स्थापना
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AI के लिए ज्वाइंट रिसर्च सेंटर की शुरुआत
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क्रिटिकल मिनरल्स सप्लाई चेन ऑब्जर्वेटरी (Phase-2)
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IIT (ISM) धनबाद में नया सैटेलाइट कैंपस
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ग्रीन टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री गिल्ड की स्थापना
शिक्षा और इन्वेस्टमेंट सेक्टर में भी समझौते:
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लैंकेस्टर यूनिवर्सिटी का बेंगलुरु कैंपस खोलने के लिए “लेटर ऑफ इंटेंट” साइन हुआ।
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यूनिवर्सिटी ऑफ सरी को गुजरात की GIFT सिटी में कैंपस खोलने की मंजूरी मिली।
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भारत-यूके सीईओ फोरम और जेईटीसीओ (JETCO) का पुनर्गठन कर व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने पर सहमति हुई।
ग्रीन टेक्नोलॉजी और हेल्थ सेक्टर में भी प्रगति:
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क्लाइमेट टेक्नोलॉजी स्टार्टअप फंड में भारत-यूके की संयुक्त इन्वेस्टमेंट
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ICMR और UK NIHR के बीच हेल्थ रिसर्च साझेदारी
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ऑफशोर विंड टास्कफोर्स और बायो-मेडिकल रिसर्च करियर प्रोग्राम (Phase-3) की शुरुआत
भारत का लक्ष्य: 6G में वैश्विक नेतृत्व
भारत ने पहले ही 6G टेस्टबेड और Indigenous 5G नेटवर्क जैसे प्रोजेक्ट्स लॉन्च कर दिए हैं।
अब यह साझेदारी न केवल भारत की डिजिटल स्वायत्तता को मजबूत करेगी, बल्कि देश को 6G इनोवेशन में वैश्विक नेता बनाने की दिशा में बड़ा कदम होगी।
भारत और ब्रिटेन की यह संयुक्त पहल सिर्फ तकनीकी सहयोग नहीं, बल्कि भविष्य की डिजिटल डिप्लोमेसी की मिसाल है।
6G तकनीक के साथ भारत न सिर्फ कनेक्टिविटी में छलांग लगाएगा, बल्कि AI और इनोवेशन के क्षेत्र में भी नई ऊँचाइयाँ हासिल करेगा।
🌐 भारत के डिजिटल भविष्य पर आपकी क्या राय है?
कमेंट में बताएं — क्या 6G भारत को टेक्नोलॉजी का ग्लोबल लीडर बना सकता है?
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