- न्यूज मंत्रा लाइव फैक्ट चेक डेस्क
Dharmendra Demise News : 11 नवंबर 2025 को सोशल मीडिया पर अचानक खबर फैली कि
“बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेन्द्र का निधन हो गया है।”
कुछ वेबसाइट्स और यूट्यूब चैनलों ने भी इस झूठी जानकारी को
“Breaking News” बताकर चला दिया। लेकिन कुछ ही घंटे बाद धर्मेन्द्र जी की बेटी एशा देओल और पत्नी हेमा मालिनी ने इस खबर को पूरी तरह झूठा बताया।
अफवाह कैसे फैली?
यह “डेथ होक्स” (Death Hoax) सोशल मीडिया से शुरू हुआ।
कई फेसबुक पेज और यूट्यूब चैनल ने “Breaking: धर्मेन्द्र जी नहीं रहे” जैसे शीर्षक डालकर व्यूज़ बटोरने की कोशिश की।
शुरुआत एक नकली X (Twitter) पोस्ट से हुई, जिसमें किसी ने “#RIPDharmendra” टैग के साथ झूठा संदेश डाला।
फिर कुछ छोटे न्यूज चैनल और वेब पोर्टल्स ने बिना आधिकारिक पुष्टि के वही खबर कॉपी-पेस्ट कर दी।
परिवार की प्रतिक्रिया
धर्मेन्द्र जी की बेटी एशा देओल ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया —
“मेरे पिता पूरी तरह ठीक हैं। वे अस्पताल में हैं और तेजी से रिकवर कर रहे हैं। जो अफवाहें चल रही हैं, वे पूरी तरह निराधार हैं।”
वहीं हेमा मालिनी ने सख्त लहजे में कहा —
“कृपया ऐसी संवेदनशील खबरों से पहले पुष्टि कर लें। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि झूठी जानकारी को भी खबर बना दिया जाता है।”
किस चैनल ने यह खबर चलाई?
किसी मुख्यधारा के चैनल (जैसे NDTV, Aaj Tak, ABP आदि) ने यह खबर नहीं चलाई। अफवाहें मुख्यतः यूट्यूब चैनलों, फेसबुक पेजों और कुछ अनवेरिफाइड वेबसाइट्स से शुरू हुईं।
यानी यह “फेक न्यूज इंफ्लुएंसर नेटवर्क” का एक उदाहरण था,
जहाँ व्यूज़ के लिए संवेदनशील खबरें तोड़-मरोड़कर चलाई जाती हैं।
मीडिया एथिक्स का सवाल
यह घटना बताती है कि आज की डिजिटल पत्रकारिता में “पहले खबर दिखाओ, बाद में सत्यापन करो” की प्रवृत्ति कितनी खतरनाक हो चुकी है।
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Press Council of India की गाइडलाइन के अनुसार मृत्यु जैसी संवेदनशील खबर को प्रकाशित करने से पहले कम से कम दो स्वतंत्र स्रोतों से पुष्टि अनिवार्य है।
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इस तरह की गलत रिपोर्टिंग “ethical violation” मानी जाती है।
क्यों फैलती हैं ‘Death Hoax’ खबरें?
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Algorithm Reward System: झूठी “RIP” पोस्ट को क्लिक और एंगेजमेंट ज़्यादा मिलते हैं।
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Lack of Verification: छोटे यूट्यूब चैनल बिना पुष्टि के लाइव चला देते हैं।
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Emotional Curiosity: लोगों को “Breaking News” सुनने की आदत लग चुकी है।
यानी, ‘RIP Journalism’ सिर्फ़ गलत नहीं, पत्रकारिता के नैतिक मूल्यों के खिलाफ़ है।
असली खबर क्या है?
धर्मेन्द्र जी इस समय मुंबई के ब्रिच कैंडी अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत स्थिर (Stable) है और वे जल्द घर लौट सकते हैं।
धर्मेन्द्र के निधन की खबर पूरी तरह फर्जी है। उन्होंने खुद अपने सोशल मीडिया पर एक वीडियो में कहा —
“मैं जिंदा हूँ, खुश हूँ, और आप सबका प्यार मेरे साथ है।”
मीडिया को चाहिए कि ऐसी संवेदनशील खबरों को सत्यापन के बाद ही प्रकाशित करे। यह न सिर्फ़ पत्रकारिता का धर्म है,
बल्कि विश्वसनीयता की आत्मा भी।
ऐसी अफवाहों पर यकीन करने से पहले स्रोत ज़रूर जांचें। अगर कोई खबर “बहुत सनसनीखेज़” लगे — तो दोबारा सोचें।
फ़ॉलो करें न्यूज़ मंत्रा लाइव, जहाँ हर वायरल खबर का सत्यापन तथ्यों के साथ किया जाता है।
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