- न्यूज मंत्रा लाइव फैक्ट चेक डेस्क
Election Fake News : चुनाव नज़दीक आते ही सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप और कुछ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर झूठी खबरों की बाढ़ आ जाती है। मतदाताओं को गुमराह करने के लिए अधूरी जानकारी, पुराने वीडियो और फर्जी दावे तेजी से फैलाए जाते हैं। न्यूज़ रूम और आम नागरिक—दोनों के लिए यह समझना ज़रूरी है कि चुनावी मौसम में कौन-सी फेक न्यूज़ सबसे ज़्यादा ट्रेंड करती हैं और उनसे कैसे बचा जाए।
फर्जी एग्ज़िट पोल और सर्वे रिपोर्ट
चुनाव से पहले और मतदान के दौरान कई तथाकथित “एक्सक्लूसिव सर्वे” वायरल होते हैं। इनमें न तो सैंपल साइज स्पष्ट होता है और न ही सर्वे एजेंसी का भरोसेमंद रिकॉर्ड।
फैक्ट चेक टिप: आधिकारिक रूप से मान्यता प्राप्त एजेंसियों और Election Commission of India के दिशा-निर्देश देखें।
नेताओं के पुराने वीडियो/बयान नए संदर्भ में
कई बार सालों पुराने भाषण या इंटरव्यू को काट-छांट कर मौजूदा चुनाव से जोड़ दिया जाता है। इससे गलत धारणा बनती है।
फैक्ट चेक टिप: वीडियो की तारीख, स्रोत और पूरा क्लिप खोजें।
EVM और वोटिंग प्रक्रिया से जुड़ी अफवाहें
“EVM हैक हो गई”, “बटन दबाने पर वोट किसी और को गया”—ऐसी खबरें हर चुनाव में वायरल होती हैं।
फैक्ट चेक टिप: आधिकारिक प्रेस रिलीज़ और चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जानकारी मिलान करें।
फर्जी सरकारी आदेश और नोटिफिकेशन
मतदान तिथि बदले जाने, छुट्टी घोषित होने या नियमों में बदलाव से जुड़ी नकली PDFs और स्क्रीनशॉट फैलाए जाते हैं।
फैक्ट चेक टिप: संबंधित विभाग की आधिकारिक साइट या सत्यापित सोशल मीडिया हैंडल देखें।
सांप्रदायिक या भावनात्मक भड़काऊ दावे
धर्म, जाति या क्षेत्र के नाम पर भड़काऊ संदेश वोटरों को प्रभावित करने के लिए फैलाए जाते हैं।
फैक्ट चेक टिप: भावनात्मक भाषा वाले दावों को तुरंत साझा न करें, पहले क्रॉस-वेरिफिकेशन करें।
यदि आपको कोई चुनावी दावा या वीडियो संदिग्ध लगे, तो उसे तुरंत शेयर न करें। भरोसेमंद स्रोतों से जांचें और जिम्मेदार नागरिक की तरह सच फैलाने में योगदान दें।
Disclaimer : यह लेख सूचना और जनहित के उद्देश्य से तैयार किया गया है। किसी भी राजनीतिक दल, उम्मीदवार या विचारधारा का समर्थन या विरोध इसका उद्देश्य नहीं है।
Source :
-
Election Commission of India (ECI)
-
PIB Fact Check
Discover more from
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
