- न्यूज मंत्रा लाइव इंटरनेशनल डेस्क
Corruption Index 2026 : ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल द्वारा जारी करप्शन परसेप्शन इंडेक्स (CPI) 2025-26 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने वैश्विक भ्रष्टाचार सूचकांक में अपनी स्थिति में उल्लेखनीय सुधार किया है। 182 देशों की सूची में भारत अब 91वें स्थान पर आ गया है, जो पिछले वर्ष की 96वीं रैंकिंग के मुकाबले 5 पायदान का सुधार दर्शाता है। जहाँ डेनमार्क ने एक बार फिर दुनिया के सबसे कम भ्रष्ट देश के रूप में अपना दबदबा बनाए रखा है, वहीं भारत का बढ़ता स्कोर सुशासन और डिजिटल पारदर्शिता की दिशा में सकारात्मक संकेत दे रहा है।
ग्लोबल रैंकिंग और स्कोर कार्ड
भारत का प्रदर्शन: स्कोर और रैंकिंग
भारत का स्कोर पिछले वर्ष के 38 से बढ़कर अब 39 हो गया है। हालांकि यह सुधार छोटा लग सकता है, लेकिन वैश्विक स्तर पर 5 पायदान ऊपर चढ़ना नीतिगत सुधारों का परिणाम माना जा रहा है। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि भारत में डिजिटल गवर्नेंस और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) जैसी योजनाओं ने सरकारी स्तर पर भ्रष्टाचार को कम करने में मदद की है।
दुनिया के टॉप और बॉटम देश
सूचकांक में देशों को 0 (अत्यधिक भ्रष्ट) से 100 (सबसे स्वच्छ) के पैमाने पर मापा जाता है:
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शीर्ष स्थान: डेनमार्क (स्कोर: 89) लगातार पहले स्थान पर बना हुआ है। इसके बाद फिनलैंड और सिंगापुर का नंबर आता है।
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सबसे निचला स्थान: सोमालिया और दक्षिण सूडान (स्कोर: 9) दुनिया के सबसे भ्रष्ट देशों की सूची में सबसे नीचे हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
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संस्था: ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल (Transparency International)
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कुल देश: 182
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भारत की नई रैंक: 91 (2026) | पुरानी रैंक: 96 (2025)
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भारत का स्कोर: 39/100
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वैश्विक औसत स्कोर: 42/100 (भारत अभी भी वैश्विक औसत से नीचे है)
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पत्रकारों की सुरक्षा: रिपोर्ट में भारत को अभी भी उन देशों की श्रेणी में रखा गया है जहाँ भ्रष्टाचार की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों के लिए चुनौतियां बनी हुई हैं।
भारत की रैंकिंग का सफर (2021-2026)
| वर्ष | रैंकिंग | स्कोर | स्थिति |
| 2021 | 85 | 40 | स्थिर |
| 2023 | 93 | 39 | गिरावट |
| 2025 | 96 | 38 | गिरावट |
| 2026 | 91 | 39 | सुधार |
सुधार की राह
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को शीर्ष 50 देशों में आने के लिए न्यायिक स्वतंत्रता, प्रेस की आजादी और भ्रष्टाचार निरोधक निकायों (जैसे लोकपाल) को और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता है। भ्रष्टाचार केवल आर्थिक मुद्दा नहीं, बल्कि मानवाधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों से भी जुड़ा है।
भ्रष्टाचार मुक्त भारत के निर्माण में आपकी क्या राय है? नीचे कमेंट बॉक्स में साझा करें और इस रिपोर्ट को सोशल मीडिया पर शेयर करें।
Disclaimer : यह लेख ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की वार्षिक रिपोर्ट और उपलब्ध सार्वजनिक आंकड़ों पर आधारित है। रैंकिंग में बदलाव विभिन्न अंतरराष्ट्रीय सर्वेक्षणों और विशेषज्ञों की धारणा पर निर्भर करता है।
Source: Transparency International Official Report 2026
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