- न्यूज मंत्रा लाइव एडिटोरियल डेस्क
IT Rules 2026 : आज के डिजिटल युग में सूचना का प्रसार जितनी तेजी से हो रहा है, उतनी ही तेजी से ‘फेक न्यूज’ और ‘डीपफेक’ का जहर समाज में घुल रहा है। भारत, जो दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल बाजार है, वर्तमान में एक बड़े वैचारिक द्वंद्व से गुजर रहा है: डिजिटल सुरक्षा बनाम अभिव्यक्ति की आजादी। 10 फरवरी, 2026 को अधिसूचित नए IT नियमों ने इस बहस को एक नई दिशा दी है। क्या सख्त रेगुलेशन हमारी सुरक्षा के लिए जरूरी हैं, या ये स्वतंत्र आवाजों को दबाने का हथियार बन सकते हैं?
रेगुलेशन की नई रूपरेखा और उसका प्रभाव
सख्त नियम और जवाबदेही
सरकार ने Information Technology Amendment Rules, 2026 के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (जैसे X, Facebook, YouTube) की जवाबदेही तय कर दी है। अब किसी भी गैर-कानूनी कंटेंट या डीपफेक को हटाने के लिए प्लेटफॉर्म्स के पास केवल 2 से 3 घंटे का समय होगा। यह कदम भ्रामक सूचनाओं के ‘वायरल’ होने से पहले उन्हें रोकने की एक कोशिश है।
AI और सिंथेटिक मीडिया की पहचान
अब हर उस कंटेंट पर ‘AI-generated’ या ‘Synthetically Generated Information (SGI)’ का लेबल लगाना अनिवार्य होगा जो दिखने में असली हो लेकिन तकनीकी रूप से बनाया गया हो। इसमें मेटाडेटा और ‘डिजिटल फिंगरप्रिंट्स’ का इस्तेमाल होगा ताकि कंटेंट के स्रोत (Origin) तक पहुँचा जा सके।
अभिव्यक्ति की आजादी पर संकट?
विशेषज्ञों का मानना है कि इतने कम समय में कंटेंट की सत्यता जांचना प्लेटफॉर्म्स के लिए कठिन होगा। ऐसे में ‘सेफ हार्बर’ (Safe Harbour) सुरक्षा खोने के डर से कंपनियां बिना गहराई से जांचे कंटेंट हटा सकती हैं, जो सीधे तौर पर अनुच्छेद 19 के तहत मिलने वाली अभिव्यक्ति की आजादी को प्रभावित कर सकता है।
क्या बदल गया है?
| प्रावधान | पुराना नियम (2021) | नया नियम (2026) |
| कंटेंट टेकडाउन समय | 24 – 36 घंटे | 2 – 3 घंटे |
| AI कंटेंट लेबलिंग | अनिवार्य नहीं था | अनिवार्य (SGI लेबल) |
| शिकायत निवारण | 15 दिन | 7 दिन |
| Safe Harbour | सामान्यतः सुरक्षित | नियमों के उल्लंघन पर तुरंत खत्म |
डिजिटल रेगुलेशन का सफर
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फरवरी 2021: IT नियम 2021 लागू हुए; सोशल मीडिया और OTT के लिए पहली बार गाइडलाइंस आईं।
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अक्टूबर 2023: डीपफेक की बढ़ती घटनाओं के बाद सरकार ने सख्त चेतावनी जारी की।
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दिसंबर 2025: संसद में फेक न्यूज को ‘लोकतंत्र के लिए खतरा’ बताया गया और नए ड्राफ्ट पर चर्चा हुई।
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10 फरवरी, 2026: IT (संशोधन) नियम, 2026 अधिसूचित किए गए।
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20 फरवरी, 2026: नए नियम पूरे भारत में प्रभावी रूप से लागू होंगे।
क्या आपको लगता है कि 3 घंटे का टेकडाउन नियम फेक न्यूज रोकने में कारगर होगा? हमें LinkedIn और X पर अपनी राय बताएं। #DigitalIndia #FakeNews #ITRules2026
Disclaimer: यह लेख वर्तमान कानूनी संशोधनों और रिपोर्टों पर आधारित है। किसी भी कानूनी कार्यवाही के लिए आधिकारिक राजपत्र (Gazette Notification) का संदर्भ लें।
Source:
- 1. Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY), Gazette Notification G.S.R. 120(E).
- 2. Press Information Bureau (PIB)
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