- न्यूज मंत्रा लाइव इंटरनेशनल डेस्क
Iran Protests : ईरान के इतिहास के सबसे खूनी अध्यायों में से एक लिखते हुए, ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी (HRANA) और अन्य अंतरराष्ट्रीय समूहों ने पुष्टि की है कि दिसंबर 2025 से शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों में अब तक 7,002 लोग मारे जा चुके हैं। इंटरनेट ब्लैकआउट और संचार पाबंदियों के बावजूद, कार्यकर्ताओं ने जमीनी स्तर पर डेटा एकत्र कर इस खौफनाक मंजर की तस्वीर पेश की है। दूसरी ओर, ईरानी सरकार ने आधिकारिक तौर पर केवल 3,117 मौतों को स्वीकार किया है, जिससे आंकड़ों में भारी अंतर साफ नजर आ रहा है।
खूनी कार्रवाई और बच्चों का नरसंहार
ताजा रिपोर्टों में सबसे विचलित करने वाला तथ्य बच्चों की मौत से जुड़ा है। सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स इन ईरान (CHRI) के अनुसार, जनवरी 2026 की कार्रवाई में कम से कम 216 स्कूली बच्चे मारे गए हैं। कई जगहों पर सुरक्षा बलों द्वारा सीधी फायरिंग और सैन्य-ग्रेड हथियारों के इस्तेमाल की खबरें आई हैं। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इसे ‘ईरान का होलोकास्ट’ करार दिया है।
इंटरनेट ब्लैकआउट और सूचना का संकट
ईरान सरकार ने विरोध की आवाजों को दबाने के लिए देश के कई हिस्सों में पूरी तरह से इंटरनेट बंद कर दिया है। इसके चलते मौतों और गिरफ्तारियों की सटीक जानकारी बाहर आने में देरी हो रही है। कार्यकर्ताओं का दावा है कि 52,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें से कई के भाग्य का अब तक पता नहीं चल पाया है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और कूटनीति
इस मानवीय संकट के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सख्त रुख अपनाते हुए ‘अर्माडा’ (नौसैनिक बेड़ा) भेजने की चेतावनी दी है। वहीं, कतर और ओमान जैसे देश तनाव कम करने के लिए पर्दे के पीछे मध्यस्थता की कोशिशों में जुटे हैं। ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी ने हाल ही में क्षेत्रीय नेताओं से मुलाकात की है, लेकिन प्रदर्शनकारियों की मांग सत्ता परिवर्तन और मानवाधिकारों की बहाली पर टिकी है।
Facts :
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कुल मौतें (HRANA): 7,002 से अधिक (पुष्टि की गई)।
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सरकारी आंकड़ा: 3,117 मौतें (21 जनवरी 2026 तक)।
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हिरासत में लिए गए लोग: लगभग 52,941 लोग।
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बच्चों की मौत: कम से कम 216 स्कूली छात्र।
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प्रमुख मांग: आर्थिक सुधार, अनिवार्य हिजाब का विरोध और शासन परिवर्तन।
Timeline :
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28 दिसंबर 2025: तेहरान के ग्रैंड बाजार से महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हुए।
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8-9 जनवरी 2026: प्रदर्शन पूरे देश में फैले; सुरक्षा बलों की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई।
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21 जनवरी 2026: सरकार ने पहली बार मौतों का आधिकारिक आंकड़ा जारी किया।
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10 फरवरी 2026: अली लारीजानी की ओमान और कतर में मध्यस्थता वार्ता।
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12 फरवरी 2026: मानवाधिकार संगठनों ने 7,000+ मौतों की पुष्टि की।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध मानवाधिकार रिपोर्टों और अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों के डेटा पर आधारित है।
Source: Human Rights Activists News Agency, Associated Press, Amnesty International
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