- न्यूज मंत्रा लाइव नेशनल डेस्क
PM Modi Assam Visit 2026 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज असम के डिब्रूगढ़ में भारत के तकनीकी भविष्य की नींव रखते हुए बहुप्रतीक्षित सेमीकंडक्टर चिप असेंबली और टेस्टिंग प्लांट का शिलान्यास किया। इसके साथ ही, उन्होंने ब्रह्मपुत्र नदी पर बने कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन कर पूर्वोत्तर की कनेक्टिविटी को एक नई ऊंचाई दी है। यह दौरा न केवल असम के औद्योगिक कायाकल्प का संकेत है, बल्कि भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम भी है।
सेमीकंडक्टर प्लांट: असम बनेगा ‘टेक हब’
टाटा समूह के सहयोग से डिब्रूगढ़ में स्थापित होने वाला यह सेमीकंडक्टर प्लांट पूर्वोत्तर भारत का पहला ऐसा प्रोजेक्ट है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह इकाई न केवल हजारों स्थानीय युवाओं को रोजगार देगी, बल्कि ‘मेड इन इंडिया’ चिप्स के साथ वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) में भारत की हिस्सेदारी को मजबूत करेगी।
कुमार भास्कर वर्मा सेतु: सुगम होगी राह
नवनिर्मित कुमार भास्कर वर्मा सेतु सामरिक और आर्थिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह पुल न केवल यात्रा के समय को कम करेगा, बल्कि डिब्रूगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के बीच व्यापारिक सुगमता को भी बढ़ाएगा। प्रधानमंत्री ने इसे ‘विकास का सेतु’ करार दिया है।
स्थानीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
इन परियोजनाओं से असम में पर्यटन, शिक्षा और तकनीकी स्टार्टअप्स को भारी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। यह राज्य की छवि को पारंपरिक कृषि आधारित अर्थव्यवस्था से बदलकर एक आधुनिक औद्योगिक केंद्र के रूप में पेश करेगा।
महत्वपूर्ण तथ्य
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प्रोजेक्ट लागत: सेमीकंडक्टर प्लांट में लगभग ₹27,000 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है।
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तकनीकी क्षमता: प्लांट का मुख्य फोकस ऑटोमोटिव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चिप्स पर होगा।
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ब्रिज की विशेषता: कुमार भास्कर वर्मा सेतु आधुनिक इंजीनियरिंग का नमूना है जो भारी सैन्य और नागरिक वाहनों के भार को सहने में सक्षम है।
क्या आपको लगता है कि सेमीकंडक्टर प्लांट से असम के युवाओं का पलायन रुकेगा? अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में बताएं
Disclaimer: यह रिपोर्ट आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति और मीडिया इनपुट्स पर आधारित है। आंकड़ों में सरकारी संशोधनों के अनुसार बदलाव संभव है।
Source: PIB India
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