- न्यूज मंत्रा लाइव फैक्ट चेक डेस्क
Quick Highlights
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नया मोडस ऑपरेंडी: ठग फर्जी ‘ग्लोबल AI समिट’ के विज्ञापन सोशल मीडिया पर फैला रहे हैं।
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रिफंड का लालच: तकनीकी खराबी या इवेंट रद्द होने का बहाना बनाकर रिफंड के लिए लिंक भेजे जा रहे हैं।
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डेटा चोरी: इन लिंक्स के जरिए बैंक विवरण और व्यक्तिगत डेटा चुराया जा रहा है।
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सतर्कता: केवल आधिकारिक सरकारी या प्रतिष्ठित संस्थाओं की वेबसाइट से ही पंजीकरण करें।
AI Summit scams : जैसे-जैसे दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का क्रेज बढ़ रहा है, साइबर अपराधी इसे ठगी के हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। हालिया हफ्तों में ‘AI समिट’ के नाम पर एक बड़ा रिफंड स्कैम सामने आया है। इसमें उपयोगकर्ताओं को भारी छूट या तकनीकी कारणों से रिफंड का झांसा देकर उनके बैंक खातों में सेंध लगाई जा रही है। एक संपादक के रूप में, हमारा कर्तव्य है कि हम तकनीक के लाभों के साथ-साथ इसके अंधेरे पहलुओं से भी आपको अवगत कराएं।
कैसे बुना जा रहा है ठगी का जाल?
फर्जी विज्ञापनों का मायाजाल
स्कैमर्स फेसबुक, लिंक्डइन और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर आकर्षक ‘AI समिट’ और ‘टेक कॉन्क्लेव’ के विज्ञापन चलाते हैं। ये विज्ञापन देखने में बेहद पेशेवर और आधिकारिक लगते हैं। उपयोगकर्ता जब इन पर क्लिक करते हैं, तो उन्हें एक ऐसी वेबसाइट पर ले जाया जाता है जो प्रतिष्ठित टेक कंपनियों की नकल होती है।
रिफंड स्कैम की प्रक्रिया
एक बार जब उपयोगकर्ता पंजीकरण शुल्क (Registration Fee) जमा कर देता है, तो उसे कुछ दिनों बाद एक ईमेल या व्हाट्सएप संदेश मिलता है। इसमें कहा जाता है कि “इवेंट रद्द हो गया है” या “आपने गलती से दो बार भुगतान कर दिया है, अपना रिफंड प्राप्त करें।” रिफंड के लिए एक ‘फॉर्म’ या ‘लिंक’ दिया जाता है, जो वास्तव में एक फिशिंग टूल होता है। जैसे ही आप अपनी बैंकिंग जानकारी साझा करते हैं, आपका खाता खाली हो जाता है।
मानवीय प्रभाव और सुरक्षा
यह केवल आर्थिक नुकसान नहीं है, बल्कि डेटा की गोपनीयता पर भी हमला है। ठग आपके प्रोफेशनल डेटा का उपयोग भविष्य में और भी जटिल वित्तीय धोखाधड़ी के लिए कर सकते हैं।
स्कैम का विकास
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प्रथम चरण: सोशल मीडिया पर ‘अर्ली बर्ड’ डिस्काउंट के साथ फर्जी समिट का विज्ञापन।
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द्वितीय चरण: फिशिंग वेबसाइट के माध्यम से शुरुआती पंजीकरण शुल्क की वसूली।
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तृतीय चरण: इवेंट से ठीक पहले ‘कैंसलेशन’ या ‘रिफंड’ का फर्जी संदेश भेजना।
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अंतिम चरण: रिफंड लिंक के माध्यम से यूजर के डिवाइस का एक्सेस लेना या ओटीपी चोरी करना।
Important Facts
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आधिकारिक पुष्टि: किसी भी ग्लोबल समिट की जानकारी उस देश के आईटी मंत्रालय या आधिकारिक संस्था की वेबसाइट पर उपलब्ध होती है।
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सुरक्षित भुगतान: हमेशा ‘HTTPS’ और विश्वसनीय गेटवे वाले पोर्टल्स का ही उपयोग करें।
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सावधानी: कोई भी प्रतिष्ठित संस्था रिफंड के लिए आपसे कभी भी पासवर्ड या पिन नहीं मांगती।
क्या आपको भी ऐसा कोई संदिग्ध रिफंड मैसेज मिला है? सतर्क रहें और अपनी जानकारी साझा न करें। इस लेख को अपने उन दोस्तों के साथ शेयर करें जो टेक और AI में रुचि रखते हैं।
Disclaimer : यह जानकारी वर्तमान साइबर अपराध प्रवृत्तियों पर आधारित है। किसी भी वित्तीय लेनदेन से पहले स्वयं जांच करें। धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें।
Source: PIB Fact Check / Cyber Dost (MHA)
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