- न्यूज मंत्रा लाइव नेशनल डेस्क
Quick View
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संसद के बजट सत्र में LPG संकट पर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव।
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विपक्ष ने देश में गैस सिलेंडर की कमी और कीमतों पर सवाल उठाए।
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सरकार का दावा – उत्पादन बढ़ाया गया, घरेलू सप्लाई प्राथमिकता पर।
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पश्चिम एशिया के तनाव और समुद्री मार्गों में बाधा से वैश्विक सप्लाई प्रभावित।
LPG Crisis in Parliament : भारत में LPG (रसोई गैस) की संभावित कमी और कीमतों को लेकर सोमवार को संसद में जोरदार राजनीतिक बहस देखने को मिली। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि देश के कई हिस्सों में गैस सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित हो रही है, जबकि सरकार का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है। यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में बाधा से LPG सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ गया है।
संसद में LPG मुद्दे पर राजनीतिक टकराव
संसद के बजट सत्र के दौरान विपक्षी नेताओं ने LPG सप्लाई और कीमतों का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। विपक्ष का आरोप है कि कई राज्यों में गैस सिलेंडर की कमी और लंबी कतारों की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे आम उपभोक्ता प्रभावित हो रहे हैं।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि इस संकट का असर मध्य वर्ग, रेस्तरां, हॉस्टल और छोटे व्यवसायों तक पर पड़ रहा है।
सरकार का पक्ष: “घबराने की जरूरत नहीं”
सरकार ने संसद में कहा कि घरेलू गैस की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।
सरकारी निर्देशों के तहत रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने और घरेलू उपयोग के लिए प्राथमिकता देने को कहा गया है। इससे उत्पादन में लगभग 28% तक वृद्धि की गई है।
इसके साथ ही सरकार ने ऐसे परिवारों से LPG कनेक्शन छोड़ने की अपील भी की है जिनके पास पहले से पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा मौजूद है, ताकि जरूरतमंद परिवारों को गैस मिल सके।
वैश्विक ऊर्जा संकट का असर
विशेषज्ञों का कहना है कि LPG सप्लाई पर दबाव का एक बड़ा कारण पश्चिम एशिया का तनाव है।
भारत अपनी LPG जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है और इनमें से अधिकांश आपूर्ति मध्य-पूर्व से आती है। समुद्री मार्गों में बाधा और शिपिंग देरी के कारण हाल के दिनों में आपूर्ति प्रभावित हुई है।
“पश्चिम एशिया की स्थिति के कारण LPG सप्लाई पर असर पड़ सकता है और इसका प्रभाव मध्य वर्ग तथा व्यवसायों पर दिख रहा है।” — संसद में विपक्षी नेता का बयान।
Fact
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भारत अपनी LPG जरूरतों का लगभग 60% आयात करता है।
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आयात का बड़ा हिस्सा मध्य-पूर्व क्षेत्र से आता है।
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हालिया वैश्विक तनाव के कारण समुद्री परिवहन में बाधा से सप्लाई प्रभावित हुई।
Time Line
8 मार्च 2026 – सरकार ने रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया।
11–14 मार्च 2026 – संसद में विपक्ष ने LPG संकट पर चर्चा की मांग की।
15–16 मार्च 2026 – संसद में बहस तेज, सरकार और विपक्ष आमने-सामने।
LPG संकट फिलहाल केवल ऊर्जा आपूर्ति का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि यह राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बन गया है। आने वाले दिनों में सरकार को सप्लाई स्थिर रखने, वैकल्पिक आयात स्रोत तलाशने और कीमतों को नियंत्रित करने जैसे कदम उठाने पड़ सकते हैं। संसद में इस मुद्दे पर आगे भी चर्चा और नीति निर्णय होने की संभावना है।
यदि आप अपने क्षेत्र में LPG सप्लाई या कीमतों को लेकर किसी समस्या का सामना कर रहे हैं, तो हमें कमेंट या संदेश के माध्यम से जानकारी दें। आपकी जानकारी हमारी ग्राउंड रिपोर्ट का हिस्सा बन सकती है।
Disclaimer : यह रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध विश्वसनीय समाचार स्रोतों पर आधारित है। किसी भी स्थानीय स्थिति में बदलाव संभव है।
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