- एस्ट्रो डेस्क
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चैत्र पूर्णिमा की तिथि को लेकर श्रद्धालुओं में 1 और 2 अप्रैल के बीच असमंजस।
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शास्त्रों के अनुसार ‘उदय तिथि’ का पालन करना अनिवार्य।
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भद्रा काल के साये और विशेष योगों का पूजा पर पड़ेगा प्रभाव।
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ज्योतिष गणना के आधार पर 1 अप्रैल की मध्य रात्रि से पूर्णिमा का प्रारंभ।
Hanuman Jayanti 2026 : हनुमान जन्मोत्सव 2026 की सही तारीख को लेकर देशभर के श्रद्धालुओं और ज्योतिषियों के बीच चर्चा तेज है। चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि 1 अप्रैल 2026 की रात से शुरू होकर 2 अप्रैल 2026 तक व्याप्त रहेगी। इस भ्रम का मुख्य कारण पूर्णिमा तिथि का दो दिनों के सूर्योदय को स्पर्श करना है। हिंदू पंचांग के अनुसार, भक्त यह जानना चाहते हैं कि व्रत और जन्मोत्सव की पूजा किस दिन करना फलदायी होगा, ताकि वे भद्रा काल के दोष से बचते हुए हनुमान जी की कृपा प्राप्त कर सकें।
हनुमान जयंती 2026: तिथि और भ्रम का कारण
वर्ष 2026 में चैत्र पूर्णिमा तिथि का विस्तार दो अंग्रेजी तारीखों में हो रहा है। पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि 1 अप्रैल की देर रात शुरू होगी और 2 अप्रैल की शाम तक रहेगी। चूँकि हनुमान जी का जन्म सूर्योदय के समय माना जाता है, इसलिए ‘उदय तिथि’ का महत्व बढ़ जाता है। अधिकांश विद्वानों का मत है कि जिस दिन सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि विद्यमान हो, उसी दिन जन्मोत्सव मनाना श्रेष्ठ है।
उदय तिथि और शास्त्र सम्मत निर्णय
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पर्वों का निर्धारण ‘उदया तिथि’ के आधार पर किया जाता है। यदि पूर्णिमा 2 अप्रैल को सूर्योदय के समय मौजूद है, तो धार्मिक अनुष्ठान और मंदिरों में उत्सव इसी दिन आयोजित किए जाएंगे। हालांकि, जो लोग पूर्णिमा का व्रत रखते हैं, उनके लिए 1 अप्रैल की रात्रि का महत्व भी विशेष रहेगा।
“शास्त्रों के अनुसार, हनुमान जन्मोत्सव चैत्र पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। जब तिथि दो दिनों तक व्याप्त हो, तो सूर्योदय काल की व्याप्ति को ही प्राथमिकता देनी चाहिए। 2 अप्रैल 2026 को उदय तिथि मिलने के कारण सार्वजनिक उत्सव और पूजा इसी दिन करना शास्त्र सम्मत है।” — पंचांग विशेषज्ञ एवं ज्योतिषाचार्य
तिथि और समय की गणना
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पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 1 अप्रैल 2026 को देर रात।
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पूर्णिमा तिथि समाप्त: 2 अप्रैल 2026 की शाम को।
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उदय तिथि: 2 अप्रैल 2026।
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पूजा का स्वरूप: षोडशोपचार पूजन और सुंदरकांड का पाठ।
महत्वपूर्ण कालक्रम
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1 अप्रैल 2026 (रात): पूर्णिमा तिथि का आगमन, व्रत संकल्प का समय।
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2 अप्रैल 2026 (सुबह): सूर्योदय के साथ हनुमान जन्मोत्सव का मुख्य आयोजन।
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2 अप्रैल 2026 (दोपहर): विशेष महाआरती और भंडारा कार्यक्रमों का आयोजन।
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2 अप्रैल 2026 (शाम): पूर्णिमा तिथि का समापन और व्रत पारण।
हनुमान जयंती 2026 की तिथि का भ्रम उदय तिथि के सिद्धांत से स्पष्ट हो जाता है। 2 अप्रैल 2026 को हनुमान जन्मोत्सव मनाना धार्मिक दृष्टि से उचित रहेगा। आने वाले समय में डिजिटल पंचांगों की बढ़ती लोकप्रियता के कारण ऐसे भ्रम कम होने की उम्मीद है, क्योंकि अब सटीक गणना आम लोगों तक आसानी से पहुँच रही है। श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय परंपराओं और मंदिर के नियमों का पालन करें।
हनुमान जी की कृपा पाने के लिए इस जानकारी को अपने प्रियजनों के साथ साझा करें ।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं और उपलब्ध पंचांगों पर आधारित है। व्यक्तिगत पूजा और मुहूर्त के लिए अपने स्थानीय पुरोहित से परामर्श करें।
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