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- मंत्रा डेस्क
Uttarakhand Flood Breaking News : उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण अलकनंदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। रुद्रप्रयाग सहित कई जिलों में प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है। नदियों का जलस्तर बढ़ने, भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने की घटनाओं के बीच राहत एवं बचाव दल तैनात कर दिए गए हैं।
उत्तराखंड में मानसून का असर लगातार तेज बना हुआ है। गुरुवार को अलकनंदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया, जिसके बाद रुद्रप्रयाग और आसपास के इलाकों में प्रशासन ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया।
भारी वर्षा के कारण कई पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। कुछ प्रमुख सड़कों पर यातायात बाधित हुआ है और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे न जाने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) तथा जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव टीमें तैनात की गई हैं। मौसम विभाग ने भी अगले कुछ घंटों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
- उत्तराखंड में जुलाई-अगस्त के दौरान मानसून के समय नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ना सामान्य है।
- अलकनंदा और मंदाकिनी घाटी भूस्खलन तथा फ्लैश फ्लड के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र मानी जाती है।
- पिछले वर्षों में भी भारी बारिश के दौरान जनजीवन पर व्यापक प्रभाव देखा गया है।
Timeline
- सुबह: लगातार वर्षा से नदी का जलस्तर बढ़ना शुरू।
- दोपहर: अलकनंदा खतरे के निशान से ऊपर पहुंची।
- इसके बाद: प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया।
- वर्तमान स्थिति: राहत एवं बचाव एजेंसियां निगरानी और तैयारी में जुटी हैं।
Key Facts
- अलकनंदा नदी खतरे के निशान से ऊपर।
- रुद्रप्रयाग सहित कई क्षेत्रों में हाई अलर्ट।
- भूस्खलन और सड़क अवरोध की घटनाएं।
- SDRF, NDRF और जिला प्रशासन सक्रिय।
- नागरिकों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह
Impact
- पहाड़ी क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हो सकता है।
- चारधाम यात्रा पर स्थानीय स्तर पर असर पड़ सकता है।
- नदी किनारे बसे लोगों के लिए अतिरिक्त सावधानी आवश्यक।
- पर्यटन और स्थानीय व्यापार पर अस्थायी प्रभाव संभव।
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