- नेशनल डेस्क
PM Gati Shakti Scheme : भारत सरकार की पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (PM Gati Shakti National Master Plan) देश में इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की बेहतर योजना, तेज क्रियान्वयन और विभिन्न मंत्रालयों के बीच समन्वय बढ़ाने की एक बड़ी पहल है।
इस योजना का उद्देश्य सड़क, रेल, बंदरगाह, हवाई अड्डे, लॉजिस्टिक्स पार्क, औद्योगिक गलियारों और अन्य बुनियादी ढांचे को एकीकृत दृष्टिकोण के साथ विकसित करना है ताकि परियोजनाओं में देरी कम हो और आर्थिक विकास को गति मिले।
भारत सरकार लगातार पीएम गति शक्ति प्लेटफॉर्म के माध्यम से नई इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को जोड़ रही है। इसका लक्ष्य परियोजनाओं की योजना और क्रियान्वयन को डेटा आधारित बनाना तथा लॉजिस्टिक्स लागत कम करना है।
पीएम गति शक्ति योजना क्या है?
पीएम गति शक्ति एक National Master Plan है जो इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को अलग-अलग विभागों के बजाय एक समन्वित प्रणाली के रूप में देखने का प्रयास करता है।
इस प्लेटफॉर्म पर कई मंत्रालयों का डेटा एक साथ उपलब्ध रहता है जिससे परियोजनाओं की योजना अधिक प्रभावी बनती है।
सरकार की रणनीति
सरकार का लक्ष्य है—
- मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी बढ़ाना
- लॉजिस्टिक्स लागत कम करना
- निवेश आकर्षित करना
- उद्योगों को बेहतर परिवहन सुविधा देना
- निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ाना
- परियोजनाओं की समयसीमा में सुधार करना
राजनीतिक महत्व
पीएम गति शक्ति को केंद्र सरकार अपने इंफ्रास्ट्रक्चर विकास मॉडल का प्रमुख आधार मानती है।
सरकार का दावा है कि इससे विभिन्न मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय संभव हुआ है। वहीं विपक्ष समय-समय पर परियोजनाओं की प्रगति, लागत और क्रियान्वयन की गति पर सवाल उठाता रहा है।
अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
यदि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन होता है तो—
- लॉजिस्टिक्स लागत कम हो सकती है।
- उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ सकती है।
- निवेश में वृद्धि हो सकती है।
- रोजगार के नए अवसर बन सकते हैं।
- सप्लाई चेन अधिक मजबूत हो सकती है।
समाज पर प्रभाव
- बेहतर सड़क और रेल कनेक्टिविटी
- ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच आसान
- औद्योगिक विकास को बढ़ावा
- यात्रा समय में कमी
- क्षेत्रीय विकास को गति
चुनौतियां
- केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय
- भूमि अधिग्रहण
- पर्यावरणीय मंजूरियां
- समय पर वित्तीय संसाधन
- परियोजनाओं का समयबद्ध निष्पादन
भारत में लंबे समय से विभिन्न मंत्रालय अलग-अलग आधार पर इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं संचालित करते रहे हैं।
समन्वय की कमी के कारण कई परियोजनाओं में देरी और लागत वृद्धि देखी गई। इन्हीं चुनौतियों को दूर करने के लिए अक्टूबर 2021 में पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान शुरू किया गया।
| वर्ष | प्रमुख घटना |
|---|---|
| 2021 | पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान लॉन्च |
| 2022 | विभिन्न मंत्रालयों का डेटा प्लेटफॉर्म से जुड़ना |
| 2023 | राज्यों की भागीदारी में विस्तार |
| 2024-26 | नई परियोजनाओं का एकीकृत नियोजन और डिजिटल समन्वय जारी |
Impact
सकारात्मक
- बेहतर परियोजना प्रबंधन
- निवेश को प्रोत्साहन
- तेज इंफ्रास्ट्रक्चर विकास
- लॉजिस्टिक्स सुधार
संभावित चुनौतियां
- राज्यों की भागीदारी
- क्रियान्वयन की गति
- परियोजनाओं की निगरानी
Fact Check
तथ्य: पीएम गति शक्ति कोई नई निर्माण एजेंसी नहीं है।
यह मुख्य रूप से एक डिजिटल राष्ट्रीय मास्टर प्लान और समन्वय प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से विभिन्न मंत्रालयों की परियोजनाओं की बेहतर योजना बनाई जाती है।
Official Sources
- प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO)
- वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
- DPIIT (Department for Promotion of Industry and Internal Trade)
- पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान पोर्टल
- PIB (Press Information Bureau)
- केंद्रीय बजट दस्तावेज
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