- वायरल डेस्क
President Murmu Rafale viral video : सोशल मीडिया पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का एक वीडियो तेजी से शेयर किया जा रहा है। वीडियो में उन्हें कथित तौर पर भारत के Rafale विमानों के नुकसान की जांच कराने और इससे जुड़ी गलतियों से सबक लेने की बात कहते हुए दिखाया गया है।
वीडियो को इस तरह प्रस्तुत किया जा रहा है, मानो राष्ट्रपति ने हालिया घटनाक्रम पर आधिकारिक तौर पर यह बयान दिया हो।
क्यों वायरल है?
इस वीडियो के वायरल होने की सबसे बड़ी वजह इसका विश्वसनीय दिखने वाला विजुअल है। वीडियो में राष्ट्रपति मुर्मू का वही पहनावा और बैकग्राउंड दिखाई देता है, जो उनके स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर दिए गए वास्तविक संबोधन में था।
इस वजह से सामान्य सोशल मीडिया यूजर के लिए वीडियो को पहली नजर में वास्तविक मान लेना आसान है।
इसके अलावा Rafale और भारत-पाकिस्तान सैन्य घटनाक्रम से जुड़े दावे सोशल मीडिया पर पहले भी काफी तेजी से फैले हैं। ऐसे संवेदनशील विषय में किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के कथित बयान की वायरलिटी और बढ़ जाती है।
सच क्या है?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने Rafale विमानों के नुकसान पर स्वतंत्र जांच की मांग वाला ऐसा कोई बयान नहीं दिया है।
Newschecker की जांच में वायरल वीडियो के प्रमुख फ्रेम राष्ट्रपति के 14 अगस्त 2026 के वास्तविक स्वतंत्रता दिवस संबोधन से जुड़े मिले। राष्ट्रपति के आधिकारिक संबोधन के पूरे वीडियो और उपलब्ध ट्रांसक्रिप्ट की जांच में Rafale विमानों या उनके नुकसान की स्वतंत्र जांच की मांग का कोई उल्लेख नहीं मिला।
वीडियो की तकनीकी जांच में भी कई गड़बड़ियां मिलीं। राष्ट्रपति के चेहरे के निचले हिस्से में अस्वाभाविक मूवमेंट दिखाई दिया। इसके अलावा कई AI/deepfake detection tools ने वीडियो और ऑडियो में कृत्रिम या manipulated elements की ओर संकेत किया।
PIB Fact Check ने भी इस दावे को फर्जी बताया है और स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति मुर्मू ने Rafale नुकसान की स्वतंत्र जांच को लेकर ऐसा कोई बयान नहीं दिया।
इसलिए वायरल वीडियो को AI-generated/manipulated content मानना उचित है और इसे वास्तविक राष्ट्रपति बयान के रूप में शेयर नहीं किया जाना चाहिए।
सोशल मीडिया प्रतिक्रिया
वायरल पोस्ट पर प्रतिक्रियाएं मुख्यतः दो तरह की दिखाई देती हैं।
एक वर्ग ने वीडियो को वास्तविक मानकर इसे Rafale और सरकार से जुड़े राजनीतिक सवालों के प्रमाण के तौर पर शेयर किया। दूसरी ओर, फैक्ट-चेक सामने आने के बाद लोगों ने वीडियो की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए और इसे AI/deepfake के उदाहरण के रूप में देखा।
यह मामला दिखाता है कि अब केवल किसी बड़े नेता या संवैधानिक पदाधिकारी का चेहरा और आवाज दिखाई देना किसी वीडियो के वास्तविक होने की गारंटी नहीं है।
फैक्ट चेक कैसे करें?
किसी वायरल राजनीतिक या सैन्य वीडियो को शेयर करने से पहले:
- वीडियो में कही गई मुख्य बात को अलग से सर्च करें।
- संबंधित व्यक्ति के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट देखें।
- पूरा मूल भाषण खोजें, केवल वायरल क्लिप पर भरोसा न करें।
- PIB Fact Check और विश्वसनीय फैक्ट-चेक संस्थानों की जांच देखें।
- आवाज, होंठों की गति और चेहरे के भाव में असामान्य बदलाव पर ध्यान दें।
- सनसनीखेज दावे को बिना पुष्टि Forward न करें।
वायरल वीडियो में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा Rafale विमानों के नुकसान की स्वतंत्र जांच की मांग करने का दावा फर्जी है।
वास्तविक वीडियो राष्ट्रपति के 14 अगस्त 2026 के स्वतंत्रता दिवस पूर्व संबोधन से लिया गया है, लेकिन उसके साथ कथित बयान को जोड़कर वीडियो को digitally manipulate किया गया। Newschecker की जांच और PIB Fact Check दोनों ने दावे को खारिज किया है।
फैक्ट चेक Verdict: फर्जी / AI-मैनिपुलेटेड वीडियो
News Mantra Live Fact Check सलाह:
वायरल होने की वजह से कोई वीडियो खबर नहीं बन जाता। पहले सत्यापन, फिर शेयर।
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