- ब्यूरो डेस्क
Uttarakhand Weather Alert: उत्तराखंड में बारिश का दौर अभी थमता नहीं दिख रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 31 अगस्त 2026 को राज्य के चार जिलों—देहरादून, बागेश्वर, चमोली और नैनीताल—में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली और बारिश के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की भी चेतावनी है।
IMD के मुताबिक 1 सितंबर को देहरादून और टिहरी में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद भी 2 और 3 सितंबर को कुछ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है।
राष्ट्रीय मौसम बुलेटिन में भी उत्तराखंड में 30 अगस्त से 1 सितंबर के दौरान अलग-अलग स्थानों पर Very Heavy Rainfall की संभावना बताई गई है। राज्य में 30 अगस्त से 5 सितंबर तक व्यापक बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है।
Fact Sheet
31 अगस्त: सबसे ज्यादा फोकस किन जिलों पर?
भारी से बहुत भारी बारिश:
- देहरादून
- बागेश्वर
- चमोली
- नैनीताल
भारी बारिश:
- टिहरी
- पौड़ी
- रुद्रप्रयाग
- पिथौरागढ़
- उत्तरकाशी
- चंपावत
- ऊधम सिंह नगर
IMD ने शेष जिलों में भी गरज-चमक और बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर की संभावना जताई है।
1 सितंबर को क्या बदलेगा?
1 सितंबर 2026 को मौसम की सबसे गंभीर चेतावनी का फोकस देहरादून और टिहरी की ओर जाता है। इन दोनों जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।
इसके अलावा पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, चंपावत, नैनीताल और हरिद्वार में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
2 और 3 सितंबर का Forecast
2 सितंबर:
देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना।
3 सितंबर:
देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान।
इसका मतलब है कि 31 अगस्त के बाद बारिश का खतरा तुरंत खत्म नहीं होगा, बल्कि कुछ पर्वतीय जिलों में अगले कई दिनों तक सक्रिय मौसम बना रह सकता है।
क्या खतरे बढ़ सकते हैं?
IMD के जिला-स्तरीय प्रभाव एवं सलाह के मुताबिक भारी से बहुत भारी बारिश और अत्यंत तीव्र बारिश के दौर में संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टान गिरने, सड़क/राजमार्ग अवरुद्ध होने और अचानक बाढ़ जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं। नदी-नालों और वर्षा जलधाराओं में अचानक पानी बढ़ने का जोखिम भी बताया गया है।
विशेष रूप से पर्वतीय इलाकों में लगातार बारिश के दौरान यात्रा जोखिमपूर्ण हो सकती है। IMD ने संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों और खड़ी ढलानों से बचने तथा जरूरत होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है।
यात्रियों और पर्यटकों के लिए जरूरी बात
चारधाम या अन्य पर्वतीय स्थलों की यात्रा करने वालों को मौसम और स्थानीय प्रशासन की advisories पर लगातार नजर रखनी चाहिए।
भारी बारिश के दौरान:
- नदी-नालों के किनारे न जाएं।
- सक्रिय भूस्खलन वाले क्षेत्र को पार करने की कोशिश न करें।
- खड़ी पहाड़ी ढलानों से दूरी रखें।
- बारिश बहुत तेज होने पर यात्रा रोकना बेहतर है।
- सड़क की स्थिति खराब होने पर वैकल्पिक मार्ग या सुरक्षित स्थान को प्राथमिकता दें।
ये सावधानियां विशेष रूप से 31 अगस्त और 1 सितंबर के संवेदनशील मौसम को देखते हुए महत्वपूर्ण हैं।
महत्वपूर्ण Context
IMD के 30 अगस्त 2026, 21:09 IST के All India Weather Bulletin में उत्तराखंड के लिए 30 अगस्त से 5 सितंबर तक fairly widespread से widespread rainfall की संभावना जताई गई है। साथ ही 30 अगस्त से 5 सितंबर तक isolated thunderstorm और lightning की संभावना है।
राष्ट्रीय बुलेटिन में उत्तराखंड के लिए 30 अगस्त से 1 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर Very Heavy Rainfall की संभावना भी दर्ज है।
इसलिए headline में केवल “31 अगस्त” पर जोर देना सही है, लेकिन story के context में 1-3 सितंबर तक के मौसम को भी शामिल करना जरूरी है।
What Next?
सबसे महत्वपूर्ण तारीखें:
31 अगस्त → देहरादून, बागेश्वर, चमोली, नैनीताल में Very Heavy Rain का खतरा।
1 सितंबर → देहरादून और टिहरी में Very Heavy Rain का खतरा।
2 सितंबर → छह जिलों में Heavy Rain की संभावना।
3 सितंबर → चार जिलों में Heavy Rain की संभावना।
इसलिए उत्तराखंड में अगले कुछ दिन मौसम के लिहाज से संवेदनशील रह सकते हैं।
स्रोत
मुख्य स्रोत: IMD — मौसम केंद्र देहरादून और IMD का 30 अगस्त 2026 का District-Level Weather Forecast.
राष्ट्रीय संदर्भ: IMD All India Weather Forecast Bulletin, 30 अगस्त 2026, 21:09 IST. (India Meteorological Department)
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