AI-G/NML
- ब्यूरो डेस्क
MP Rain Alert: मध्य प्रदेश में बारिश का दौर बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 2 सितंबर 2026 को जारी भोपाल केंद्र के subdivision-wise warning के अनुसार East Madhya Pradesh में 2 सितंबर और 3 सितंबर को Extremely Heavy Rain की चेतावनी दर्ज की गई है। इसके बाद 4 और 5 सितंबर को Very Heavy Rain तथा 6 सितंबर को Heavy Rain की चेतावनी दी गई है। साथ ही गरज-चमक और बिजली गिरने जैसी गतिविधियों की संभावना भी चेतावनी में शामिल है।
Fact Sheet
- 2 सितंबर: Extremely Heavy Rain warning
- 3 सितंबर: Extremely Heavy Rain warning
- 4 सितंबर: Very Heavy Rain
- 5 सितंबर: Very Heavy Rain
- 6 सितंबर: Heavy Rain
- Thunderstorm/lightning activity भी warning में शामिल है।
- IMD के अनुसार 2 सितंबर को well-marked low-pressure area northeast Madhya Pradesh और आसपास मौजूद था और इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना बताई गई थी।
मध्य प्रदेश में मानसून की सक्रियता के बीच पूर्वी हिस्से में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर तेज रह सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के 2 सितंबर को जारी warning के मुताबिक East Madhya Pradesh में 2 और 3 सितंबर को Extremely Heavy Rain की चेतावनी है। इसके बाद 4 और 5 सितंबर को Very Heavy Rain तथा 6 सितंबर को Heavy Rain की संभावना जताई गई है।
मौसम प्रणाली की बात करें तो IMD के क्षेत्रीय बुलेटिन के अनुसार 2 सितंबर की सुबह 8:30 बजे well-marked low-pressure area northeast Madhya Pradesh और आसपास के क्षेत्र में स्थित था। इसके अगले 24 घंटे में South Uttar Pradesh और North Madhya Pradesh की ओर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने का अनुमान था।
मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में पहले से बारिश दर्ज की जा रही है। IMD भोपाल के दैनिक मौसम विवरण के अनुसार पिछले 24 घंटों में रीवा, जबलपुर और शहडोल संभागों के जिलों में अधिकांश स्थानों पर बारिश हुई, जबकि सागर संभाग में अनेक स्थानों पर वर्षा दर्ज की गई।
आखिर इतनी बारिश क्यों?
मौजूदा बारिश के पीछे सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र और उससे जुड़ी cyclonic circulation प्रमुख मौसम प्रणालियों में शामिल हैं। IMD के अनुसार संबंधित circulation ऊंचाई के साथ southwest की ओर झुका हुआ था और weather system के आगे बढ़ने की संभावना थी।
इसका मतलब यह है कि बारिश केवल एक isolated spell नहीं है, बल्कि आने वाले दिनों में भी मौसम सक्रिय रह सकता है।
Impact
भारी बारिश की स्थिति में:
- निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है।
- स्थानीय यातायात प्रभावित हो सकता है।
- नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी जरूरी है।
- गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए।
- कमजोर structures, temporary sheds और बिजली के infrastructure को तेज हवा/आंधी से नुकसान का जोखिम हो सकता है।
What Next
3 सितंबर को स्थिति खास तौर पर महत्वपूर्ण रहेगी, क्योंकि IMD की उपलब्ध warning में East Madhya Pradesh के लिए लगातार दूसरे दिन Extremely Heavy Rain दर्ज है। 4–5 सितंबर को भी Very Heavy Rain का खतरा बना हुआ है।
Source / Verification
Primary Source: India Meteorological Department — Met Centre Bhopal.
Supporting IMD bulletin: Northeast Madhya Pradesh में well-marked low-pressure area की स्थिति।
Rainfall observation: IMD Bhopal daily weather report.
Discover more from
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
