- डेस्क टीम
आज का पंचांग 17 सितंबर 2026 : आज गुरुवार, 17 सितंबर 2026 को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है। नई दिल्ली के पंचांग के अनुसार षष्ठी सुबह 10:47 बजे तक रहेगी, इसके बाद सप्तमी शुरू होगी। आज विश्वकर्मा पूजा और कन्या संक्रांति भी है।
आज का पंचांग:
- वार – गुरुवार
- तिथि – शुक्ल षष्ठी, सुबह 10:47 तक
- मास / पक्ष – भाद्रपद / शुक्ल पक्ष
- नक्षत्र – अनुराधा, शाम 7:53 तक
- योग – विष्कुंभ, दोपहर 12:50 तक
- करण – तैतिल, सुबह 10:47 तक
- चंद्र राशि – वृश्चिक
- सूर्य राशि – सिंह, सुबह 7:58 तक
- विक्रम संवत – 2083, सिद्धार्थी
- ऋतु / अयन – शरद / दक्षिणायन
आज के व्रत, पर्व और विशेष अवसर
विश्वकर्मा पूजा
भगवान विश्वकर्मा की पूजा का पर्व। शिल्पकारों, कारीगरों, इंजीनियरों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों में इस दिन औजारों तथा मशीनों की पूजा की परंपरा है।
कन्या संक्रांति
सूर्य के सिंह राशि से कन्या राशि में प्रवेश का दिन। Drik Panchang के अनुसार सूर्य राशि परिवर्तन सुबह 7:58 बजे के आसपास है।
ज्येष्ठा गौरी आवाहन
आज के नई दिल्ली पंचांग में ज्येष्ठा गौरी आवाहन भी दर्ज है। इसके पूजन की स्थानीय परंपरा और विधि अलग हो सकती है।
आज के शुभ मुहूर्त
नई दिल्ली के लिए Drik Panchang में दिए गए प्रमुख मुहूर्त:
|
मुहूर्त |
समय |
|---|---|
|
अभिजीत मुहूर्त |
11:51 AM – 12:40 PM |
|
विजय मुहूर्त |
2:18 PM – 3:07 PM |
|
अमृत काल |
8:24 AM – 10:10 AM |
|
गोधूलि मुहूर्त |
6:24 PM – 6:47 PM |
|
सर्वार्थ सिद्धि योग |
सूर्योदय – शाम 7:53 PM |
|
रवि योग |
सूर्योदय – शाम 7:53 PM |
ध्यान दें: ये नई दिल्ली के लिए दिए गए पंचांग समय हैं। शुभ कार्य या पूजा की विधि तय करते समय स्थानीय स्थान, परंपरा और संबंधित आचार्य की सलाह को प्राथमिकता दें।
5. आज के अशुभ काल
|
समय |
काल |
|---|---|
|
राहुकाल |
1:48 PM – 3:20 PM |
|
यमगंड |
6:07 AM – 7:39 AM |
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गुलिक काल |
9:11 AM – 10:43 AM |
|
दुर्मुहूर्त |
10:13 AM – 11:02 AM |
|
दुर्मुहूर्त |
3:07 PM – 3:57 PM |
राहुकाल और अन्य अशुभ काल ज्योतिषीय पंचांग परंपरा के अंग हैं। इन्हें वैज्ञानिक रूप से किसी काम की सफलता या असफलता का प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए।
6. सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय
- सूर्योदय – 6:07 AM
- सूर्यास्त – 6:24 PM
- चंद्रोदय – 12:01 PM
- चंद्रास्त – 10:03 PM
आज का पंचांग: इसका मतलब क्या है?
पंचांग के पांच प्रमुख अंग हैं—तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार। इनका उपयोग हिंदू धार्मिक परंपराओं में पूजा, व्रत और शुभ समय देखने के लिए किया जाता है।
आज की तिथि सुबह 10:47 बजे बदल रही है। इसलिए षष्ठी और सप्तमी से जुड़े धार्मिक निर्णयों में तिथि समाप्ति का समय महत्वपूर्ण हो सकता है। स्थानीय पंचांग के अनुसार समय बदल सकता है।
पाठकों के लिए जरूरी बात
-
पंचांग के समय स्थान के अनुसार बदलते हैं।
-
आज का यह विवरण नई दिल्ली के लिए है।
-
धार्मिक मुहूर्त परंपरागत ज्योतिषीय गणना पर आधारित हैं।
-
व्यक्तिगत कुंडली या विशेष संस्कार के लिए योग्य आचार्य से परामर्श लिया जा सकता है।
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