- डेस्क टीम
Sikkim Landslide : सिक्किम के पश्चिमी हिस्से में लगातार बारिश के बीच भूस्खलन ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। ग्यालशिंग जिले के रिम्बी गांव में गुरुवार रात भारी बारिश के बाद बड़े पैमाने पर मलबा और चट्टानें नीचे की ओर खिसक गईं। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक कई घरों और सरकारी परिसरों को नुकसान पहुंचा है। फिलहाल घटना में किसी व्यक्ति की मौत की सूचना नहीं है।
रिम्बी में यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि क्षेत्र पहले से ही सक्रिय भूस्खलन की समस्या से जूझ रहा है। सिक्किम प्रशासन सितंबर में कई बार यहां की स्थिति का निरीक्षण कर चुका है और प्रभावित परिवारों के लिए राहत तथा सुरक्षा उपाय किए गए हैं।
रिम्बी में क्या हुआ?
25 सितंबर को सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, लगातार बारिश के बीच रिम्बी क्षेत्र में एक बड़ा landslide हुआ। ऊपरी ढलान से मिट्टी, चट्टान और मलबा नीचे आबादी की ओर आया, जिससे आसपास के मकानों और संपत्तियों को नुकसान पहुंचा।
कुछ रिपोर्टों में 30 से अधिक घरों के प्रभावित होने की जानकारी दी गई है। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की प्रक्रिया भी रिपोर्ट की गई है।
हालांकि, अभी तक उपलब्ध रिपोर्टों में किसी मौत की पुष्टि नहीं हुई है।
प्रशासन ने क्या किया?
सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने रिम्बी की स्थिति पर चिंता जताते हुए स्थानीय प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने और स्थिति की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात भी सामने आई है।
यह कार्रवाई अचानक शुरू नहीं हुई है। सिक्किम सरकार और जिला प्रशासन पिछले कुछ समय से रिम्बी और आसपास के इलाकों में भूस्खलन की स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
15 सितंबर के SSDMA अपडेट के अनुसार रिम्बी में पहले ही 28 घरों के 128 लोगों को एहतियातन सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया गया था। प्रशासन ने राहत शिविर, पानी की व्यवस्था और अस्थायी कनेक्टिविटी जैसे कदम भी उठाए थे।
रिम्बी पहले से Landslide Zone क्यों बना हुआ है?
रिम्बी में भूस्खलन का खतरा नया नहीं है।
सिक्किम सरकार के सितंबर के आधिकारिक अपडेट के अनुसार, रिम्बी और सिंगलिताम में लगातार ground movement और भारी बारिश के कारण प्रशासन को vulnerable households की निगरानी करनी पड़ी है। प्रभावित इलाकों में सड़क, घर और अन्य सार्वजनिक संपत्तियां भी नुकसान की चपेट में आई हैं।
सितंबर की शुरुआत में भी रिम्बी क्षेत्र में बड़े भूस्खलन के कारण Geyzing–Pelling–Yuksom route की कनेक्टिविटी प्रभावित हुई थी। बाद में प्रशासन और संबंधित विभागों ने सड़क को बहाल किया।
सड़क कनेक्टिविटी का क्या हुआ?
रिम्बी की सड़क कनेक्टिविटी पहले भी भूस्खलन से प्रभावित रही है।
सिक्किम सरकार के 24 सितंबर के अपडेट के अनुसार, प्रभावित रिम्बी सड़क को निरीक्षण और restoration work के बाद फिर से वाहनों के लिए खोल दिया गया था। प्रशासन ने साथ ही सड़क की स्थिति पर निगरानी जारी रखने की बात कही थी।
ताजा भूस्खलन के बाद स्थानीय स्तर पर सड़क और आवागमन की स्थिति पर फिर नजर रखना जरूरी हो गया है।
क्या अभी भी खतरा बना हुआ है?
हां, उपलब्ध परिस्थितियों को देखते हुए भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में जोखिम बना हुआ माना जा रहा है, खासकर लगातार या तेज बारिश के दौरान।
SSDMA ने पहले ही रिम्बी और सिंगलिताम जैसे संवेदनशील इलाकों के लोगों को सक्रिय भूस्खलन क्षेत्र और जमा मलबे से दूर रहने की सलाह दी थी। लोगों से भारी बारिश के दौरान नदियों, नालों और drainage channels के पास जाने से बचने तथा जमीन में नई दरार, जमीन खिसकने या पानी के बहाव में असामान्य बदलाव दिखाई देने पर अधिकारियों को सूचित करने को कहा गया था।
पहाड़ी इलाकों में Landslide अचानक क्यों खतरनाक हो जाता है?
भूस्खलन में पहाड़ की ढलान पर मौजूद मिट्टी, चट्टान और मलबा अचानक नीचे की ओर खिसक सकता है। लगातार बारिश जमीन में पानी की मात्रा बढ़ा सकती है और कमजोर ढलानों को अस्थिर कर सकती है।
हालांकि किसी एक घटना के लिए कारण तय करते समय स्थानीय geological conditions, rainfall, drainage और slope stability जैसे कई कारकों को देखना पड़ता है। इसलिए केवल “बारिश हुई और landslide हुआ” कहना हर मामले की पूरी वैज्ञानिक व्याख्या नहीं है।
स्थानीय लोगों के लिए क्या सावधानी जरूरी है?
यदि किसी पहाड़ी क्षेत्र में भारी बारिश हो रही है और landslide की आशंका है, तो:
- सक्रिय भूस्खलन क्षेत्र के पास न जाएं।
- मलबे के ढेर या कमजोर ढलान पर खड़े न हों।
- भारी बारिश के दौरान नदियों और नालों के पास जाने से बचें।
- जमीन में नई दरार दिखाई दे तो उसे गंभीरता से लें।
- रात के समय अनावश्यक यात्रा से बचें, खासकर vulnerable roads पर।
- प्रशासन के evacuation या relocation निर्देशों का पालन करें।
- सड़क खुली होने की जानकारी मिलने के बावजूद स्थानीय स्थिति जांचे बिना यात्रा न करें।
SSDMA ने रिम्बी और सिंगलिताम के लिए इसी तरह की सावधानियां पहले जारी की थीं।
रिम्बी Landslide Timeline
2 सितंबर
रिम्बी में भूस्खलन से सड़क कनेक्टिविटी प्रभावित हुई।
12–15 सितंबर
लगातार बारिश और भूस्खलन के बीच प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया और राहत व्यवस्था मजबूत की। 15 सितंबर के SSDMA अपडेट में 28 घरों के 128 लोगों के evacuation का उल्लेख था।
23–24 सितंबर
प्रशासनिक प्रयासों के बाद रिम्बी सड़क को बहाल कर वाहनों के लिए फिर खोला गया।
25 सितंबर
लगातार बारिश के बीच रिम्बी में फिर बड़ा landslide हुआ और कई घर प्रभावित होने की रिपोर्ट सामने आई। अभी तक किसी मौत की पुष्टि नहीं हुई है।
अभी सबसे जरूरी सवाल क्या है?
रिम्बी की ताजा घटना में तत्काल प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा, vulnerable households की निगरानी और सड़क/आवश्यक सेवाओं की स्थिति है।
क्योंकि क्षेत्र पहले से landslide activity से प्रभावित रहा है, इसलिए आगे की स्थिति केवल एक घटना के नुकसान से नहीं बल्कि बारिश जारी रहने पर slope movement और connectivity के संदर्भ में देखनी होगी।
सिक्किम के रिम्बी में 25 सितंबर को सामने आया भूस्खलन इस बात का संकेत है कि पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के दौरान पहले से कमजोर ढलानों पर जोखिम बढ़ सकता है।
अभी तक उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार किसी मौत की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कई घरों और संपत्तियों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन हाई अलर्ट पर है और स्थिति की निगरानी कर रहा है।
रिम्बी के मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह कोई isolated घटना नहीं है। पिछले कुछ सप्ताह से क्षेत्र में landslide-related disruption और precautionary evacuation की स्थिति बनी हुई है।
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