- एक्सपलेनर डेस्क
Olympic Qualification : ओलंपिक में भाग लेने के लिए सिर्फ अपने देश में चैंपियन बनना पर्याप्त नहीं है। खिलाड़ियों को संबंधित खेल के अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार निर्धारित योग्यता हासिल करनी होती है। यह योग्यता किसी प्रतियोगिता में प्रदर्शन, विश्व रैंकिंग, क्वालिफाइंग मार्क या विशेष चयन प्रक्रिया से मिल सकती है।
ओलंपिक क्वालिफिकेशन की व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के व्यापक सिद्धांतों के अनुरूप संबंधित खेल के अंतरराष्ट्रीय महासंघ (International Federation) द्वारा तैयार की जाती है। इसके बाद खिलाड़ियों के अंतिम चयन में राष्ट्रीय ओलंपिक समिति और संबंधित राष्ट्रीय खेल महासंघ की भूमिका भी होती है।
इसका अर्थ है कि ओलंपिक तक पहुंचने के दो अलग-अलग पड़ाव हैं:
-
अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार ओलंपिक में भाग लेने की पात्रता और कोटा हासिल करना।
-
देश की ओर से अंतिम टीम में चुना जाना।
ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने के प्रमुख तरीके
1. क्वालिफिकेशन मार्क या निर्धारित मानक
एथलेटिक्स, तैराकी और कुछ अन्य खेलों में खिलाड़ी निर्धारित समय, दूरी, स्कोर या प्रदर्शन का मानक पूरा करके क्वालिफिकेशन हासिल कर सकते हैं। लेकिन मानक पूरा करना हर स्थिति में ओलंपिक का टिकट नहीं होता। प्रतियोगिता की अधिकतम सीटों, राष्ट्रीय कोटे और संबंधित खेल के नियमों का भी पालन करना पड़ता है।
2. विश्व रैंकिंग के जरिए
बैडमिंटन, टेनिस और कुछ अन्य खेलों में निर्धारित अवधि की अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग अहम भूमिका निभाती है। खिलाड़ी प्रतियोगिताओं में अंक हासिल करते हैं और उनकी रैंकिंग के आधार पर ओलंपिक में उपलब्ध स्थान आवंटित हो सकते हैं।
हालांकि, विश्व रैंकिंग में शीर्ष पर होना अपने आप में सार्वभौमिक गारंटी नहीं है। संबंधित खेल की क्वालिफिकेशन सूची, राष्ट्रीय सीमा और पात्रता नियम निर्णायक होते हैं।
3. विश्व चैंपियनशिप और क्वालिफाइंग टूर्नामेंट
कई खेलों में विश्व चैंपियनशिप, विश्व कप, महाद्वीपीय चैंपियनशिप या विशेष ओलंपिक क्वालिफाइंग प्रतियोगिताओं के जरिए स्थान मिलते हैं।
उदाहरण के तौर पर, लॉस एंजिलिस 2028 के लिए शूटिंग में 2026 और 2027 की कुछ प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं को क्वालिफिकेशन मार्ग में शामिल किया गया है।
4. महाद्वीपीय क्वालिफिकेशन
एशिया, यूरोप, अफ्रीका, अमेरिका और ओशिनिया जैसे क्षेत्रों में आयोजित प्रतियोगिताएं भी कुछ खेलों में ओलंपिक का रास्ता बनती हैं।
इसका उद्देश्य अलग-अलग क्षेत्रों के खिलाड़ियों और देशों को प्रतिस्पर्धा का अवसर देना है। हालांकि, हर खेल में महाद्वीपीय प्रतियोगिताओं के जरिए स्थान मिलने का तरीका अलग हो सकता है।
5. मेजबान देश और यूनिवर्सैलिटी स्थान
कुछ खेलों में मेजबान देश के लिए विशेष स्थान निर्धारित हो सकते हैं। इसके अलावा, सीमित प्रतिनिधित्व वाले देशों के लिए यूनिवर्सैलिटी स्थानों की व्यवस्था भी हो सकती है।
ये स्थान सभी खेलों और सभी देशों के लिए स्वतः उपलब्ध नहीं होते। इनके लिए पात्रता और आवंटन की अलग शर्तें होती हैं।
ओलंपिक में क्वालिफाई करने और चयनित होने में क्या अंतर है?
|
क्वालिफिकेशन |
राष्ट्रीय चयन |
|---|---|
|
अंतरराष्ट्रीय नियमों के आधार पर पात्रता या कोटा प्राप्त करना |
देश की टीम में खिलाड़ी का अंतिम चयन |
|
अंतरराष्ट्रीय महासंघ की नियमावली महत्वपूर्ण |
राष्ट्रीय महासंघ और राष्ट्रीय ओलंपिक समिति की भूमिका |
|
रैंकिंग, प्रदर्शन, प्रतियोगिता या अन्य मानक |
देश की चयन नीति, उपलब्ध कोटा और पात्रता |
|
कोटा देश को भी मिल सकता है |
उस कोटे पर किस खिलाड़ी को भेजना है, यह तय होता है |
उदाहरण के लिए, यदि किसी देश को किसी खेल में दो ओलंपिक स्थान मिलते हैं, तो यह जरूरी नहीं कि किसी प्रतियोगिता में शीर्ष दो स्थान हासिल करने वाले खिलाड़ी ही अंतिम रूप से चुने जाएं। चयन नीति और कोटा आवंटन के नियम भी महत्वपूर्ण हैं।
लॉस एंजिलिस 2028: क्वालिफिकेशन का उदाहरण
लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 का आयोजन 14 से 30 जुलाई 2028 तक निर्धारित है। इस आयोजन के लिए विभिन्न खेलों की क्वालिफिकेशन प्रक्रिया अलग-अलग समयसीमा और नियमों के अनुसार चल रही है।
शूटिंग की प्रक्रिया से इसे समझ सकते हैं।
शूटिंग: LA28 क्वालिफिकेशन का उदाहरण
ISSF के प्रकाशित क्वालिफिकेशन नियमों के आधार पर
-
निर्धारित प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन
31 जुलाई 2026 से 1 मई 2028 के बीच निर्धारित प्रतियोगिताओं में न्यूनतम क्वालिफिकेशन स्कोर हासिल करना जरूरी है।
-
विश्व चैंपियनशिप में प्रदर्शन
2026 और 2027 की निर्धारित विश्व चैंपियनशिप में ओलंपिक स्पर्धाओं के शीर्ष प्रदर्शन के आधार पर राष्ट्रीय ओलंपिक समितियों के लिए कोटा स्थान आवंटित किए जाते हैं।
-
विश्व कप और अन्य प्रतियोगिताएं
2027 के निर्धारित विश्व कप मुकाबलों में प्रदर्शन भी कोटा प्राप्त करने का रास्ता है।
-
कोटा और राष्ट्रीय चयन
उपलब्ध स्थानों और राष्ट्रीय चयन नियमों के अनुसार अंतिम खिलाड़ी तय होते हैं।
स्रोत: International Shooting Sport Federation (ISSF)। प्रतियोगिता, कोटा और पात्रता संबंधी विस्तृत शर्तों के लिए आधिकारिक नियम देखें।
यह उदाहरण दिखाता है कि क्वालिफिकेशन केवल एक दिन या एक प्रतियोगिता का परिणाम नहीं, बल्कि कई चरणों में चलने वाली प्रक्रिया हो सकती है।
भारत के खिलाड़ी ओलंपिक के लिए कैसे चुने जाते हैं?
भारत में ओलंपिक चयन की प्रक्रिया में संबंधित राष्ट्रीय खेल महासंघ (NSF), भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) और खेल मंत्रालय की अलग-अलग भूमिकाएं होती हैं।
सामान्य रूप से प्रक्रिया इस प्रकार समझी जा सकती है:
-
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन: खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में प्रदर्शन के आधार पर अपनी दावेदारी मजबूत करते हैं।
-
अंतरराष्ट्रीय क्वालिफिकेशन: संबंधित खेल के नियमों के अनुसार रैंकिंग, मानक या प्रतियोगिता के जरिए ओलंपिक कोटा हासिल किया जाता है।
-
राष्ट्रीय चयन नीति: खेल महासंघ अपने चयन मानदंडों के अनुसार खिलाड़ियों का मूल्यांकन करता है।
-
अंतिम टीम और नामांकन: पात्रता, उपलब्ध कोटा और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार खिलाड़ियों के नाम अंतिम रूप से भेजे जाते हैं।
भारत के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय ने 9 जुलाई 2026 को सभी मान्यता प्राप्त ओलंपिक खेल महासंघों को लॉस एंजिलिस 2028 के लिए क्वालिफिकेशन और खिलाड़ी चयन की प्रक्रिया सार्वजनिक करने का निर्देश दिया था। मंत्रालय ने इसके लिए 15 जुलाई 2026 तक की समयसीमा निर्धारित की थी। इस पहल का उद्देश्य चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना है।
खिलाड़ियों के लिए जरूरी बात: किसी खिलाड़ी का राष्ट्रीय चैंपियन बनना या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतना अपने आप में ओलंपिक चयन की गारंटी नहीं है। उसे संबंधित खेल के आधिकारिक क्वालिफिकेशन नियम और भारत की लागू चयन नीति दोनों की शर्तें पूरी करनी पड़ सकती हैं।
Discover more from
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
