- न्यूज मंत्रा एस्ट्रो डेस्क
भारत की आस्था, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक गौरव का अद्वितीय प्रतीक छठ महापर्व अब अंतरराष्ट्रीय पहचान की ओर बढ़ रहा है। केंद्र सरकार ने छठी मइया फाउंडेशन की ऐतिहासिक मांग को स्वीकार करते हुए संगीत नाटक अकादमी (SNA) को निर्देश दिए हैं कि इस पर्व को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर (Intangible Cultural Heritage) सूची में शामिल करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए।
संस्कृति मंत्रालय ने औपचारिक आदेश जारी करते हुए कहा कि फाउंडेशन के अध्यक्ष संदीप कुमार दुबे द्वारा भेजे गए प्रस्ताव की जांच और आगे की कार्रवाई SNA करेगी। इस पहल में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का विशेष मार्गदर्शन रहा।
संदीप कुमार दुबे ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा—
“यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संस्कृति मंत्रालय की संवेदनशीलता का प्रमाण है। छठ केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण की अनूठी परंपरा है। इसका यूनेस्को सूची में शामिल होना देश और प्रवासी भारतीयों के लिए गर्व का विषय होगा।”
भोजपुरी में अपनी खुशी जताते हुए उन्होंने कहा—
“आज हमनी सबके खुशी के दिन बा। छठ पर्व के यूनेस्को कल्चरल हेरिटेज में शामिल करे खातिर भारत सरकार आपन पहल कर देले बा। हम गजेंद्र सिंह शेखावत जी आ पीएम मोदी जी के दिल से धन्यवाद देतानी।”
इस पहल के सफल होने पर छठ महापर्व न केवल भारत, बल्कि नेपाल और दुनियाभर में बसे लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए गौरव का प्रतीक बन जाएगा।
भारत की सांस्कृतिक पहचान को दुनिया तक पहुंचाने के इस ऐतिहासिक कदम पर अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं और इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।
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