- न्यूज मंत्रा लाइव ब्यूरो
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उत्तर प्रदेश में 18–25 मार्च के बीच तीन बड़े रोजगार मेले
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लखनऊ, झांसी और वाराणसी में होंगे आयोजन
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100 से अधिक निजी कंपनियां युवाओं को नौकरी के अवसर देंगी
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कौशल विकास मिशन के तहत सरकार का रोजगार-कनेक्ट मॉडल
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सवाल: क्या ये पहल प्रदेश की बेरोजगारी कम कर पाएगी?
UP Job Fair 2026 : उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए लखनऊ, झांसी और वाराणसी में बड़े रोजगार मेले आयोजित करने जा रही है। इन मेलों में 100 से अधिक निजी कंपनियां भाग लेंगी और प्रशिक्षित युवाओं को सीधे नौकरी के अवसर उपलब्ध कराएंगी। यह पहल उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत की जा रही है और इसका उद्देश्य युवाओं की बेरोजगारी कम करना तथा स्किल-आधारित रोजगार को बढ़ावा देना है।
उत्तर प्रदेश में कब और कहां लगेंगे रोजगार मेले
प्रदेश सरकार के कार्यक्रम के अनुसार तीन प्रमुख शहरों में मंडल-स्तरीय रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे।
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लखनऊ – 18 मार्च 2026
स्थान: इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान -
झांसी – 24 मार्च 2026
स्थान: बुंदेलखंड महाविद्यालय -
वाराणसी – 25 मार्च 2026
स्थान: राजकीय आईटीआई करौंदी परिसर
इन आयोजनों में आसपास के कई मंडलों के अभ्यर्थियों को शामिल होने का अवसर मिलेगा।
स्किल-आधारित रोजगार मॉडल पर जोर
ये रोजगार मेले उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत आयोजित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य प्रशिक्षित युवाओं और कंपनियों को एक मंच पर लाना है ताकि चयन प्रक्रिया तेज और आसान हो सके।
इन मेलों में आईटी, मैन्युफैक्चरिंग, रिटेल, सर्विस सेक्टर और टेक्निकल क्षेत्रों की कंपनियां भाग लेंगी। इससे आईटीआई, पॉलिटेक्निक और अन्य स्किल प्रोग्राम से प्रशिक्षित युवाओं को सीधे रोजगार मिलने की संभावना बढ़ेगी।
क्या इससे बेरोजगारी कम होगी?
विशेषज्ञों के अनुसार रोजगार मेले युवाओं को अवसर तो देते हैं, लेकिन उनका असर कई कारकों पर निर्भर करता है।
मुख्य चुनौतियां:
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रोजगार का स्थायित्व
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स्किल और उद्योग की जरूरतों के बीच अंतर
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ग्रामीण युवाओं तक सूचना पहुंच
हालांकि सरकार का मानना है कि स्किल-आधारित प्लेसमेंट मॉडल से निजी क्षेत्र में रोजगार बढ़ेगा और स्थानीय स्तर पर नौकरी के अवसर मिलेंगे।
राज्य के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा:
“रोजगार मेलों के माध्यम से प्रशिक्षित युवाओं और कंपनियों को एक मंच पर लाया जा रहा है, ताकि युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार नौकरी के अवसर मिल सकें।”
Fact
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उत्तर प्रदेश में आयोजित इन रोजगार मेलों में 100 से अधिक कंपनियां भाग लेंगी
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लक्ष्य: प्रशिक्षित युवाओं को सीधे कंपनियों से जोड़ना
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फोकस: स्किल-आधारित रोजगार और निजी क्षेत्र की भागीदारी
Time Line
2017–2025: रोजगार और स्किल मिशन पर राज्य सरकार का जोर
2024–2025: कौशल विकास कार्यक्रमों का विस्तार
मार्च 2026: लखनऊ, झांसी और वाराणसी में बड़े रोजगार मेले
उत्तर प्रदेश में आयोजित होने वाले ये रोजगार मेले युवाओं और निजी कंपनियों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बन सकते हैं। यदि इन आयोजनों से स्थायी और कौशल-आधारित नौकरियां पैदा होती हैं, तो यह राज्य की बेरोजगारी कम करने में मदद कर सकता है।
हालांकि दीर्घकालिक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि कितने युवाओं को स्थायी रोजगार मिलता है और उद्योगों की मांग के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण कितना प्रभावी है।
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Disclaimer : यह खबर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक और मीडिया स्रोतों पर आधारित है। इसका उद्देश्य पाठकों को तथ्यात्मक और संतुलित जानकारी देना है।
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