- फैक्ट चेक डेस्क
Quick View
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सोशल मीडिया पर ₹500 में 18 किलो ‘गोबर गैस सिलेंडर’ का दावा वायरल।
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वीडियो में उत्तराखंड के दो भाइयों द्वारा आविष्कार की बात कही जा रही है।
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फैक्ट चेक में पाया गया कि यह दावा पूरी तरह भ्रामक और तकनीकी रूप से गलत है।
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वीडियो में दिखाए गए सिलेंडर वास्तव में Indane के ‘XTRATEJ’ कमर्शियल LPG सिलेंडर हैं।
Biogas Cylinder Truth : सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप और फेसबुक पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसमें यह दावा किया गया है कि उत्तराखंड के दो प्रतिभाशाली भाइयों ने मात्र ₹500 की लागत में 18 किलोग्राम क्षमता वाला ‘गोबर गैस सिलेंडर’ विकसित किया है। यह वीडियो ऊर्जा के सस्ते विकल्प के रूप में जनता के बीच कौतूहल पैदा कर रहा है। हालांकि, जब इस वीडियो की गहराई से तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर जांच की गई, तो यह जादुई दावा पूरी तरह से खोखला और भ्रामक साबित हुआ।
वायरल दावे की हकीकत
दावे के अनुसार, इस तकनीक से आम आदमी को गैस की बढ़ती कीमतों से राहत मिलेगी। लेकिन, सिलेंडर की बनावट और उस पर अंकित ब्रांडिंग कुछ और ही कहानी बयां करती है।
Indane XTRATEJ: असली पहचान
हमारी पड़ताल में स्पष्ट हुआ कि वीडियो में दिखाई दे रहा नीला सिलेंडर Indane XTRATEJ है। यह इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) द्वारा लॉन्च किया गया एक प्रीमियम कमर्शियल LPG सिलेंडर है। XTRATEJ सिलेंडर में विशेष ‘एडिटिव्स’ मिलाए जाते हैं जो ईंधन की खपत को कम करते हैं और व्यावसायिक उपयोग (जैसे होटल या रेस्टोरेंट) के लिए अधिक प्रभावी होते हैं।
तकनीकी विसंगतियां
बायोगैस या गोबर गैस को सिलेंडर में भरकर कमर्शियल रूप में बेचना एक जटिल प्रक्रिया है। इसके लिए गैस को शुद्ध करना और उच्च दबाव पर कंप्रेस (CBG – Compressed Bio Gas) करना आवश्यक होता है, जिसके लिए बड़े प्लांट की जरूरत होती है। ₹500 में पोर्टेबल 18 किलो का सिलेंडर स्थानीय स्तर पर तैयार करना वर्तमान मानकों के अनुसार संभव नहीं है।
“इंडियन ऑयल के ‘XTRATEJ’ सिलेंडर कमर्शियल उपयोग के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। सोशल मीडिया पर इन्हें किसी अन्य नाम या तकनीक से जोड़कर दिखाना पूरी तरह गलत और कॉपीराइट व सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है।” – IOCL
Facts
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सिलेंडर का प्रकार: कमर्शियल LPG (तरल पेट्रोलियम गैस)।
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रंग कोड: नीला (Indane XTRATEJ के लिए मानक)।
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भ्रामक जानकारी: सामान्य कमर्शियल गैस को गोबर गैस बताकर पेश किया गया।
Timelines
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फरवरी-मार्च 2026: वीडियो विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुप्स में पहली बार देखा गया।
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अप्रैल 2026: वीडियो व्यापक रूप से फेसबुक और एक्स (X) पर वायरल हुआ।
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8-9 अप्रैल 2026: विभिन्न फैक्ट चेकर्स और आधिकारिक सूत्रों द्वारा दावे का खंडन किया गया।
भविष्य में बायोगैस (CBG) के क्षेत्र में सरकारी और निजी निवेश बढ़ रहा है, लेकिन फिलहाल बाजार में ऐसा कोई ‘₹500 वाला गोबर गैस सिलेंडर’ उपलब्ध नहीं है। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे ऐसे भ्रामक वीडियो के आधार पर अपनी सुरक्षा से समझौता न करें और केवल अधिकृत डीलरों से ही गैस सिलेंडर खरीदें। सरकार की ‘सतत’ (SATAT) योजना के तहत भविष्य में कंप्रेस्ड बायोगैस की उपलब्धता बढ़ेगी, लेकिन इसके वितरण की प्रक्रिया पूरी तरह विनियमित होगी।
क्या आपको भी ऐसा कोई संदिग्ध वीडियो मिला है? हमें कमेंट में बताएं और इस फैक्ट चेक को शेयर कर जागरूकता फैलाएं।
Disclaimer: यह लेख सोशल मीडिया पर वायरल सूचनाओं के सत्यापन के उद्देश्य से लिखा गया है। पाठकों से अनुरोध है कि वे अनाधिकृत स्रोतों से गैस उपकरण न खरीदें।
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