- नेशनल डेस्क
अनंत नाग दादासाहेब फाल्के पुरस्कार : कन्नड़ सिनेमा के दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को गुजरात के एकता नगर, केवड़िया में आयोजित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में वर्ष 2024 का दादासाहेब फाल्के पुरस्कार प्रदान किया गया। यह सम्मान भारतीय सिनेमा में उनके पाँच दशक से अधिक लंबे योगदान और विविधतापूर्ण अभिनय यात्रा की मान्यता है।
भारत सरकार ने 16 सितंबर को अनंत नाग के नाम की घोषणा करते हुए कहा था कि उनका सिनेमाई सफर कई पीढ़ियों के कलाकारों को प्रेरित करने वाला रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 22 सितंबर को एकता नगर में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किए।
क्यों खास है अनंत नाग का सम्मान?
दादासाहेब फाल्के पुरस्कार भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान है। यह पुरस्कार 1969 में शुरू किया गया था और भारतीय सिनेमा के विकास एवं योगदान के लिए दिया जाता है। 2024 के पुरस्कार के लिए अनंत नाग का चयन इसी दीर्घकालिक योगदान के आधार पर किया गया।
अनंत नाग का करियर केवल एक भाषा या एक तरह की फिल्मों तक सीमित नहीं रहा। PIB के अनुसार उन्होंने पाँच दशक से अधिक समय में 300 से अधिक फिल्मों में काम किया और कन्नड़ के साथ हिंदी, तेलुगु, मलयालम, तमिल और मराठी सिनेमा में भी अलग-अलग भूमिकाएँ निभाईं।
थिएटर से सिनेमा तक
अनंत नाग ने अभिनय की शुरुआत कन्नड़ फिल्म ‘संकल्प’ से की और बाद में हिंदी सिनेमा में ‘अंकुर’ के जरिए अपनी पहचान बनाई। उनके करियर में समानांतर सिनेमा और मुख्यधारा, दोनों तरह के काम शामिल रहे हैं। ‘मालगुडी डेज’ जैसे लोकप्रिय कामों ने उन्हें फिल्मों से आगे टेलीविजन दर्शकों तक भी पहुँचाया।
उनकी अभिनय शैली की एक विशेष पहचान सहजता और चरित्र के अनुरूप ढलने की क्षमता रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पुरस्कार की घोषणा के बाद उनके सहज अभिनय, बहुमुखी प्रतिभा और विशेष रूप से कन्नड़ सिनेमा में उनके योगदान को रेखांकित किया था।
कन्नड़ सिनेमा के लिए भी महत्वपूर्ण पड़ाव
अनंत नाग को यह सम्मान ऐसे समय मिला है जब राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह पहली बार दिल्ली के बाहर एक नए आयोजन स्थल पर आयोजित किया जा रहा है। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का आयोजन एकता नगर, केवड़िया में किया गया।
उनका दादासाहेब फाल्के पुरस्कार कन्नड़ सिनेमा की राष्ट्रीय पहचान के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है। उनके सम्मान को लेकर प्रकाशित रिपोर्टों ने इसे डॉ. राजकुमार के बाद कन्नड़ सिनेमा से जुड़े एक और बड़े कलाकार को मिले इस सर्वोच्च सिनेमाई सम्मान के रूप में रेखांकित किया है।
अनंत नाग का करियर: एक नजर में
- जन्म: 4 सितंबर 1948
- अभिनय की शुरुआत: कन्नड़ फिल्म ‘संकल्प’
- हिंदी सिनेमा में शुरुआत: ‘अंकुर’
- सिनेमाई अनुभव: पाँच दशक से अधिक
- फिल्में: 300 से अधिक
- भाषाएँ: कन्नड़, हिंदी, तेलुगु, मलयालम, तमिल और मराठी सहित कई भाषाएँ
- दादासाहेब फाल्के पुरस्कार: वर्ष 2024
- पुरस्कार समारोह: 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, 22 सितंबर 2026
- स्थान: एकता नगर, केवड़िया, गुजरात
बड़ी तस्वीर
अनंत नाग का सम्मान उस सिनेमाई योगदान को सामने लाता है जिसमें किसी कलाकार की पहचान केवल लोकप्रिय फिल्मों या बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन से नहीं बनती। पाँच दशक से अधिक समय तक अलग-अलग भाषाओं, शैलियों और माध्यमों में काम करना उनके करियर की व्यापकता को दिखाता है।
दादासाहेब फाल्के पुरस्कार अनंत नाग के लिए एक व्यक्तिगत सम्मान जरूर है, लेकिन इसका व्यापक अर्थ भारतीय सिनेमा की उस परंपरा की पहचान भी है जिसमें क्षेत्रीय भाषाओं के कलाकार राष्ट्रीय सिनेमाई विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बनते हैं।
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