- इंटरनेशनल डेस्क
H-1B $100,000 Payment Extension: अमेरिका ने 18 सितंबर 2026 को एक नई Presidential Proclamation जारी कर 2025 में शुरू की गई H-1B entry restriction और उससे जुड़ी $100,000 payment requirement को अगले 12 महीनों के लिए बढ़ाया है। नई व्यवस्था 21 सितंबर 2026 से प्रभावी बताई गई है और फिलहाल 21 सितंबर 2027 तक लागू रहने वाली है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि इसे सिर्फ “$100,000 H-1B visa fee” कहना पूरी तस्वीर नहीं बताता। Proclamation इसे कुछ H-1B workers के अमेरिका में प्रवेश पर लगी restriction से जोड़ता है और कहता है कि संबंधित petition के साथ $100,000 payment होने पर restriction लागू नहीं होगी।
भारतीयों के लिए इसका महत्व इसलिए बड़ा है क्योंकि USCIS के FY2024 आंकड़ों में H-1B-approved petitions के 71% beneficiaries India-born थे। यह आंकड़ा FY2024 का है और इसे 2026 की नई नीति का प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं माना जाना चाहिए।
क्या बदला?
18 सितंबर 2026 की Presidential Proclamation के मुताबिक, अमेरिका ने 2025 की H-1B restriction को अतिरिक्त 12 महीने के लिए जारी रखा है। इसका निर्धारित expiration time 21 सितंबर 2027 है।
नई Proclamation के अनुसार:
- अमेरिका के बाहर मौजूद कुछ H-1B workers के लिए entry restriction जारी रहेगी।
- संबंधित H-1B petition के साथ $100,000 payment की requirement रखी गई है।
- Employer को filing से पहले payment किए जाने का documentation रखना होगा।
- State Department visa process में payment की पुष्टि करेगा।
- National-interest exception का प्रावधान भी रखा गया है।
भारतीय Applicants के लिए सबसे अहम सवाल
1. क्या हर भारतीय H-1B applicant को $100,000 देना होगा?
नहीं, इसे इस तरह generalize करना सही नहीं होगा।
Proclamation की भाषा विशेष रूप से उन H-1B workers पर केंद्रित है जो अमेरिका के बाहर हैं और अमेरिका में entry के लिए H-1B petition का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसलिए किसी भारतीय नागरिक की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि उसका petition किस परिस्थिति में है और वह अमेरिका के अंदर है या बाहर।
2. अगर कोई भारतीय पहले से अमेरिका में H-1B पर है?
नई Proclamation की entry restriction का मुख्य operational focus अमेरिका में entry है। इसलिए अमेरिका में पहले से मौजूद H-1B worker के हर extension या अन्य immigration filing को स्वतः $100,000 requirement के दायरे में मानना उचित नहीं है। Specific case में लागू नियम और agency guidance देखना जरूरी होगा।
3. पैसा कौन देगा—Applicant या Employer?
Proclamation में payment को filing employer से जोड़ा गया है। Employer को petition दाखिल करने से पहले payment किए जाने का documentation रखना है।
असली पेच: $100,000 requirement पर अदालत का मामला
यह कहानी केवल Presidential Proclamation तक सीमित नहीं है।
8 जून 2026 को Massachusetts की federal district court ने 2025 की $100,000 H-1B payment policy को लागू करने वाली agency guidance को vacate कर दिया था। सरकार ने इसके खिलाफ First Circuit में appeal की।
24 जुलाई 2026 को First Circuit ने सरकार की stay request को स्वीकार नहीं किया। USCIS ने बाद में कहा कि वह अदालत के आदेश का पालन करेगा और यदि वह आदेश भविष्य में हटता है तो payment collect करने की योजना रखता है।
इसके बाद 18 सितंबर को White House ने नई Proclamation के जरिए restriction को अगले साल तक extend करने की घोषणा की। इसलिए मौजूदा स्थिति को समझने के लिए दो अलग बातें अलग रखना जरूरी है:
अदालत में पुरानी implementation policy पर litigation जारी है।
वहीं नई Presidential Proclamation 21 सितंबर 2026 से नई 12-महीने की अवधि घोषित करती है।
इस नई व्यवस्था की practical implementation को लेकर USCIS/State Department की आगे की guidance महत्वपूर्ण रहेगी।
भारतीयों पर असर क्यों बड़ा हो सकता है?
USCIS के FY2024 data के अनुसार H-1B-approved petitions में beneficiaries के country of birth के आधार पर भारत का हिस्सा 71% था। China लगभग 12% के साथ दूसरे स्थान पर था।
इसका अर्थ यह है कि अमेरिकी H-1B policy में कोई बड़ा बदलाव भारतीय technology और professional workforce के लिए विशेष महत्व रखता है।
भारतीय Job Seekers के लिए इसका Practical Meaning
अगर आप भारत में हैं और नया H-1B लेकर अमेरिका जाने की योजना बना रहे हैं
आपके लिए employer-side cost और immigration planning पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकती है। Offer मिलने के बाद employer से यह स्पष्ट पूछना जरूरी है कि:
- petition किस category में filed होगी?
- beneficiary अमेरिका के अंदर है या बाहर?
- consular processing होगा या नहीं?
- $100,000 payment requirement आपके specific case पर कैसे लागू की जा रही है?
- employer payment का documentation कैसे रखेगा?
- कोई applicable exception है या नहीं?
अगर आप पहले से अमेरिका में हैं
सिर्फ “H-1B पर $100,000 fee लग गई” देखकर यह निष्कर्ष न निकालें कि हर extension या status-related filing पर यही रकम लागू होगी। Proclamation की entry-related language और आपकी व्यक्तिगत immigration स्थिति दोनों देखना जरूरी है।
एक और बदलाव: H-1B Selection भी बदल चुका है
$100,000 payment requirement के अलावा H-1B system में एक अलग बड़ा बदलाव भी आया है।
White House के अनुसार FY2027 H-1B cap season में weighted selection process लागू किया गया, जिसमें higher-skilled और higher-paid positions को अधिक प्राथमिकता देने का उद्देश्य बताया गया है। White House के मुताबिक FY2027 registrations में U.S. master’s degree वाले beneficiaries का share FY2026 के 45.1% से बढ़कर 66.1% हुआ।
इसे $100,000 payment requirement से अलग policy change के रूप में समझना चाहिए।
एक नजर में
| सवाल | स्थिति |
|---|---|
| $100,000 requirement बढ़ी? | हाँ, नई Proclamation के तहत 12 महीने के लिए |
| नई अवधि | 21 सितंबर 2026–21 सितंबर 2027 |
| क्या हर भारतीय applicant पर लागू? | नहीं कहा जा सकता |
| मुख्य focus | अमेरिका के बाहर मौजूद कुछ H-1B workers की entry |
| Payment किससे जुड़ी है? | Filing employer |
| Existing U.S.-based H-1B पर automatic $100,000? | ऐसा blanket rule नहीं बताया गया |
| Court litigation | जारी |
| भारतीय relevance | बहुत अधिक, क्योंकि FY2024 approved H-1B beneficiaries में India-born share 71% था |
आगे क्या देखना होगा?
1. USCIS की नई implementation guidance
नई Proclamation के बाद filing और payment procedures कैसे लागू होंगे, यह महत्वपूर्ण होगा।
2. First Circuit litigation
पुरानी $100,000 implementation policy से जुड़े appeal का अगला परिणाम legal landscape को प्रभावित कर सकता है।
3. DHS का प्रस्तावित $103,265 H-1B fee
यह $100,000 payment से अलग प्रस्ताव है। अगस्त 2026 में DHS ने H-1B cap-subject petitions के लिए $103,265 की proposed fee पर rulemaking शुरू की थी। Public comments की deadline 24 सितंबर 2026 बताई गई है। इसे मौजूदा $100,000 payment के साथ confuse नहीं करना चाहिए।
4. Visa screening
State Department ने H-1B applicants के लिए online presence review सहित expanded screening framework पहले से लागू किया हुआ है।
सवाल सिर्फ “$100,000 fee बढ़ी या नहीं?” का नहीं है
भारतीय applicants के लिए असली सवाल है:
“अगर आप भारत से नया H-1B लेकर अमेरिका जाना चाहते हैं, तो employer cost, selection system, court litigation और visa screening—इन चारों बदलावों का combined effect आपकी hiring process पर क्या डाल सकता है?”
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