- डेस्क टीम
आज की टॉप 3 खबरें:
1. हैदराबाद में DoorDash का बड़ा विस्तार, 2 साल में 3,000 नौकरियों का प्लान
अमेरिकी फूड-डिलीवरी कंपनी DoorDash ने हैदराबाद में नया ग्लोबल टेक्नोलॉजी हब स्थापित करने की घोषणा की है। कंपनी अगले दो वर्षों में भारत में करीब 3,000 नौकरियां पैदा करने की योजना बना रही है। शुरुआती चरण में करीब 500 लोगों की भर्ती की जाएगी।
Fact Sheet
DoorDash के मुताबिक भारत में उसकी टीम वैश्विक सिस्टम और ऑपरेशंस को सपोर्ट करती है। कंपनी की भारत में पहले से मौजूदगी है और Hyderabad में Customer Support Agent तथा Team Leader, Customer Experience जैसी भूमिकाएं भी सूचीबद्ध हैं।
भारत का GCC और global operations ecosystem अब सिर्फ IT development तक सीमित नहीं रह रहा; customer experience और support functions भी बड़े रोजगार केंद्र बन रहे हैं।
Reuters के अनुसार भारत में GCC ecosystem में 2,100 से अधिक केंद्र हैं और 2026 के Nasscom-Zinnov आंकड़ों के मुताबिक इनमें लगभग 23.6 लाख लोग कार्यरत हैं।
What Next
DoorDash ने शुरुआती 500 hires से शुरुआत करने की बात कही है; आगे भर्ती का विस्तार प्रस्तावित 3,000-job plan के अनुरूप हो सकता है।
2. एशियन गेम्स में भारत की पदक रफ्तार जारी, आज भी कई medal events पर नजर
Aichi-Nagoya Asian Games 2026 में भारत का अभियान 30 सितंबर को भी जारी है। 29 सितंबर तक भारत ने 53 पदक जीते थे; 30 सितंबर के अपडेट्स में भारत की कुल संख्या 56 पदक तक पहुंचने की रिपोर्ट है—9 गोल्ड, 21 सिल्वर और 26 ब्रॉन्ज।
महत्वपूर्ण अपडेट
- नीरू धांडा ने महिला ट्रैप में भारत के लिए ऐतिहासिक व्यक्तिगत स्वर्ण जीता।
- महिला 4×400 मीटर रिले टीम ने भी स्वर्ण जीता।
- 30 सितंबर को तीरंदाजी, स्क्वैश, कुश्ती और हॉकी सहित कई स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ी मुकाबले में हैं।
भारत के लिए कहानी केवल कुल पदकों की नहीं है—शूटिंग और एथलेटिक्स के बाद अब अलग-अलग disciplines में medal opportunities कैसे फैल रही हैं, यह ज्यादा महत्वपूर्ण संकेत है।
3. अमेरिका ने कुछ भारतीय specialty medicines पर 100% tariff से दी छूट
अमेरिका ने भारत सहित 20 jurisdictions से आने वाली कुछ specialty pharmaceutical products और संबंधित ingredients के लिए 0% ad valorem tariff व्यवस्था की है। अमेरिकी Commerce Department के Federal Register notice में eligible categories में rare-disease medicines, fertility drugs, cell और gene therapies, antibody-drug conjugates तथा कुछ अन्य specialty products शामिल हैं।
क्या बदला?
अमेरिका कुछ specified pharmaceutical imports पर 100% tariff व्यवस्था लागू कर रहा है, लेकिन निर्धारित eligibility criteria पूरा करने वाले specialty products को zero-tariff treatment दिया गया है।
जरूरी सावधानी
यह सभी भारतीय दवाओं पर tariff exemption नहीं है। Eligibility product category और लागू अमेरिकी नियमों पर निर्भर करती है। Generic pharmaceutical products और associated ingredients के संबंध में अलग treatment है।
मुख्य सवाल “भारत को tariff छूट मिली” नहीं, बल्कि “किन products को मिली और किन्हें नहीं?” है।
Impact
भारतीय pharmaceutical exporters के लिए specialty-drug segment में यह राहत महत्वपूर्ण हो सकती है, लेकिन इसे पूरे भारतीय pharma exports पर व्यापक tariff राहत के रूप में नहीं पढ़ना चाहिए।
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